
जगद्गुरु प्रोडक्शन की फिल्म ‘कीर्तन’ का पोस्टर भव्य समारोह में लॉन्च, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने किया विमोचन
जगद्गुरु विश्वकल्याण फाउंडेशन और जगद्गुरु प्रोडक्शन की ओर से सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं और व्यक्तियों को दो करोड़ रुपये की सहायता वितरित
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे। कॉर्पोरेट जगत में उज्ज्वल और स्थिर करियर छोड़कर आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने वाले डॉ. चेतनानंद महाराज पुणेकर की निर्मित फिल्म ‘कीर्तन’ का पोस्टर भव्य समारोह में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हाथों लॉन्च किया गया।
फिल्म की टैगलाइन “भक्ति की बाजार | तू ही बता विठ्ठला” रखी गई है। पोस्टर में विठ्ठल भगवान के स्वरूप और भक्त की निस्वार्थ एवं अटूट श्रद्धा को भावनात्मक ढंग से दर्शाया गया है।
यह फिल्म केवल भक्ति का संदेश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान समय में आस्था, अंधविश्वास, मानवीय मूल्यों, सामाजिक बदलाव, वारकरी परंपरा, पंढरपुर वारी और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास जैसे विषयों को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगी। फिल्म वर्ष 2027 में रिलीज होगी और इसे एक साथ दुनियाभर में प्रदर्शित करने की योजना है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर महाराज की विचारधारा से प्रेरणा लेकर डॉ. चेतनानंद महाराज पुणेकर आध्यात्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. महाराज ने संतों के विचारों को अपने जीवन में उतारा है। उनकी फिल्मों के माध्यम से आधुनिक तकनीक के जरिए युवा पीढ़ी तक आध्यात्म, इतिहास और लोकसेवा का संदेश पहुंचेगा।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में समाज माध्यमों के जरिए तनाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में ‘कीर्तन’ जैसी फिल्म समाज का प्रबोधन करने और लोगों को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने डॉ. चेतनानंद महाराज के राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रयासों में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार, श्रीगुरु डॉ. नारायण महाराज जाधव बाबा, सांसद श्रीरंग बारणे, ए.ए. फिल्म्स के प्रमुख एवं प्रसिद्ध फिल्म वितरक अनिल थडानी, महावितरण के मानव संसाधन निदेशक राजेंद्र पवार, पूर्व भारतीय क्रिकेटर केदार जाधव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में फिल्म के कलाकार संदीप पाठक, प्राजक्ता हनमघर, आर्या घारे, तेजस बर्वे, सुरेश विश्वकर्मा, बाल कलाकार गोरज देखणे, गीतकार गुरु ठाकुर, संगीतकार विजय गावंडे और निर्देशक अतुल जगदाळे सहित फिल्म जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। फिल्म के प्रमुख कलाकार उपेंद्र लिमये की ओर से उनकी पत्नी स्वाती लिमये भी समारोह में शामिल हुईं।
डॉ. चेतनानंद महाराज पुणेकर ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण और मानव कल्याण के लिए सक्षम पीढ़ी तैयार करने हेतु केवल आधुनिक तकनीक पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके साथ आध्यात्म और समर्पण की भावना भी जरूरी है। महाराष्ट्र की संत परंपरा के विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए फिल्म निर्माण एक प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और संत एवं वारकरी साहित्य के पूजन से हुई। प्रसिद्ध गायक अवधूत गांधी ने भक्तिमय गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन पूजा थिगले ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अभिनेता संदीप पाठक ने किया।
विशेष : दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता वितरित
इस समारोह का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक सेवा भी रहा। जगद्गुरु विश्वकल्याण फाउंडेशन और जगद्गुरु प्रोडक्शन की ओर से सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं और जरूरतमंद व्यक्तियों को कुल दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता एवं चेक वितरित किए गए।
आर्थिक कठिनाइयों के कारण अवसरों से वंचित परिवारों की सहायता भी की गई। डॉ. चेतनानंद महाराज पुणेकर ने अपने पिता की अंतिम इच्छा के अनुसार कॉर्पोरेट क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य को छोड़कर समाजसेवा और आध्यात्मिक कार्यों का मार्ग चुना। उनकी माता की इच्छा के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए भी करोड़ों रुपये का सहयोग जुटाया गया।
कार्यक्रम में यह जानकारी भी सामने आई कि इतने बड़े सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों से जुड़े होने के बावजूद डॉ. चेतनानंद महाराज का परिवार आज भी पुणे में किराये के मकान में रहता है और उनके गांव में मात्र 300 वर्गफुट का साधारण घर है। उनकी सादगी और समाजसेवा के प्रति समर्पण की उपस्थित लोगों ने सराहना की।



