
किले रायरेश्वर क्षेत्र की आदिवासी-कातकरी बस्तियों में मनाई गई खुशियों की दिवाली, फराल, आकाशकंदील और साइकिलों का वितरण
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे : समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक दिवाली की खुशियां पहुंचाने के उद्देश्य से भोर तालुका के दुर्गम किले रायरेश्वर क्षेत्र की टिटेघर, नाझरे और माकोशी स्थित आदिवासी-कातकरी बस्तियों में पुणे शहर के गणेशोत्सव मंडलों की ओर से दिवाली मनाई गई।
इस सामाजिक पहल के तहत 51 आदिवासी परिवारों को दिवाली का फराल और आकाशकंदील भेंट किए गए। वहीं, शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से छोटे विद्यार्थियों को पांच साइकिलें वितरित की गईं। दिवाली का फराल और साइकिलें मिलने से बस्ती के बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।
यह सामाजिक कार्यक्रम जय गणेश व्यासपीठ, पुणे शहर के अंतर्गत नवज्योत मित्र मंडल, येरवडा; वीर शिवराज मंडल, गुरुवार पेठ; संजीवनी मित्र मंडल, सहकारनगर तथा साईनाथ मंडल ट्रस्ट, बुधवार पेठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले कातकरी विद्यार्थियों तक साइकिलें पहुंचाने में सागर गांधी और पीयूष शाह ने विशेष योगदान दिया।
कार्यक्रम का आयोजन अमित जाधव, किरण सोनीवाल, प्रसाद दिवटे, निलेश कोंढांपूरे, चैतन्य सिन्नरकर और अक्षय पानसरे ने किया।
इस अवसर पर नाझरे बस्ती की महिला अध्यक्ष मंगला वाघमारे ने पुणे के गणेशोत्सव कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आज आपकी वजह से हमारी दिवाली सही मायने में खुशियों से भरी होगी।”
इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दिवाली का त्योहार केवल अपने परिवार तक सीमित न रखकर समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खुशियां बांटकर मनाना चाहिए।



