
दीपावली पर लौटी खुशियां : मूक-बधिर भटकी महिला को महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिलाया परिवार से
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . दीपावली का पर्व जहां हर घर में खुशियां लेकर आता है, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग और वन स्टॉप सेंटर (सखी) के अथक प्रयासों ने एक बेसहारा और भटकी हुई मूक-बधिर महिला के जीवन में भी उम्मीद का दीप जलाया है। रीवा जिले के डभौरा नगर पंचायत की निवासी 40 वर्षीय महिला उषा कोल ट्रेन से यात्रा करते समय शिवपुरी में पानी लेने के लिए नीचे उतरीं और ट्रेन छूट जाने के कारण बुरी तरह भटक गईं। बीते 29 अक्टूबर को शिवपुरी जिले के थाना सिरसौद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गूगरीपुरा में यह महिला लावारिस हालत में घूमती हुई पाई गईं, जिसकी सूचना डायल 112 को एक स्थानीय कॉलर द्वारा दी गई। यह मामला इसलिए भी अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण था क्योंकि महिला मूक-बधिर होने के साथ-साथ मानसिक रूप से कमजोर थीं, जिसके कारण वह न तो कुछ बोल पा रही थीं और न ही अपनी स्थिति के बारे में कुछ समझा पा रही थीं। पुलिस की सहायता से जब महिला को वन स्टॉप सेंटर शिवपुरी लाया गया, तब महिला एवं बाल विकास विभाग शिवपुरी की परियोजना अधिकारी एवं प्रभारी प्रशासक श्रीमती नीलम पटेरिया के नेतृत्व में उनकी काउंसलिंग का प्रयास किया गया। संवाद स्थापित न हो पाने की स्थिति में अधिकारियों की नज़र महिला के दाहिने हाथ पर पड़ी, जिस पर “रीवा मध्यप्रदेश डभौरा बाजार” गुदा हुआ था। इस एकमात्र और सबसे महत्वपूर्ण सुराग के मिलते ही शिवपुरी वन स्टॉप सेंटर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रीवा जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री नयन सिंह एवं रीवा वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक श्रीमती श्रुति मिश्रा से समन्वय स्थापित किया। श्रीमती श्रुति मिश्रा और उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए महिला की तस्वीर डभौरा क्षेत्र में भेजी और स्थानीय वार्ड पार्षद श्री धीरेन्द्र सिंह के माध्यम से महिला के चाचा श्री छोटे लाल कोल व परिवार के अन्य सदस्यों की पहचान सुनिश्चित कर उनसे वीडियो कॉल के जरिए पुष्टि करवाई। महिला के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने और उनका शिवपुरी तक आ पाने में असमर्थ होने के कारण, प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विशेष कदम उठाए। शिवपुरी के अपर जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार, महिला को सुरक्षित पुलिस अभिरक्षा में वन स्टॉप सेंटर रीवा स्थानांतरित किया गया। अंततः सभी कानूनी और विभागीय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए 6 नवंबर को पंचनामा तैयार कर वन स्टॉप सेंटर रीवा की टीम द्वारा श्रीमती उषा कोल को डभौरा में उनके परिजनों के सुपुर्द कर सुरक्षित घर वापसी कराई गई। दीपावली के पावन अवसर पर एक बेसहारा भटकी हुई बेटी को अपना परिवार वापस मिल गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर, पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इस उत्कृष्ट और संवेदनशील समन्वय ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता से किसी भी मूक और बेसहारा की आवाज़ बनकर उसे उसके अपनों तक सुरक्षित पहुँचाया जा सकता है
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