पूणे

तकनीक और नए विचार देश के विकास को देंगे गति विनोद पटकोटवार के विचार,डब्ल्यूपीयू द्वारा कौशल आधिारित रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम

तकनीक और नए विचार देश के विकास को देंगे गति
विनोद पटकोटवार के विचारः डब्ल्यूपीयू द्वारा कौशल आधिारित रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम

पुणे: सृष्टिपर हर क्षेत्र में तेजी से बदलावा देखा जा रहा है. नतीजतन, उद्योगों को कुशल श्रमिकों की कमी का सामना करना पडता है. एक और जहां कुशल श्रमिकों की मांग बढ रही है, वहीं कंपनियों की जरूरतों और शैक्षिक पाठ्यक्रम में भारी अंतर है. इस देश के विकास को गति देने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ कुशल युवा आवश्यक है. ऐसे विचार रबर केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के अध्यक्ष विनोद पटकोटवार ने कहा.
कुशल जनशक्ति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी ने एक कौशल आधारित एमएससी रोजगार उन्मुख कार्यक्रम शुरू किया है. इस अवसर पर वे इंडस्ट्रिलय पॉलीमर केमिस्ट्री के छात्रों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे.
इस मौके पर एनसीएल के एमेरिटस साइंटिस्ट डॉ. प्रकाश वडगांवकर, अनुसंधान निदेशक डॉ. अपर्णा जोशी, रबर इंडस्ट्रीज के.डी. जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे.
साथ ही एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर.एम.चिटनीस, प्र कुलपति डॉ. मिलिंद पांडे, प्रसिद्ध वक्ता डॉ. संजय उपाध्ये, श्रीमती पटकोटवार और डॉ. वसी शेख मौजूद थे.
विनोद पटकोटवार ने कहा, मौजूदा समय के अनुसार, राजकोषीय अंतर के कारणों, परिणामों को संबोधित करना और इसे सही रणनीति के साथ संबोधित करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने एक ही पाठ्यक्रम में विज्ञान और इंजीनियरिंग विषयों के साथ छह महीने की अनिवार्य औद्योगिक इंटर्नशिप के साथ साथ पाठ्यक्रम में अनुसंधान, नवाचार और कौशल प्रशिक्षण को शामिल करने के लिए विश्वविद्यालय के औद्योगिक पॉलिमर रसायन विज्ञान कार्यक्रम की सराहना की. उन्होंने भारतीय कौशल विकास परिषद की ओर से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी.
डॉ. आर.एम.चिटनिस ने छात्रों को योग, ध्यान, आहार, फिटनेस, स्टार्टअप आदि पर मार्गदर्शन किया. साथ ही डॉ. मिलिंद पांडे ने पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में कौशल सीखने, डेटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा, कृत्रिमता के महत्व पर प्रकाश डाला. इंटेलिजेंस, इनोवेशन और हैकथॉन के बारे में जानकारी दी.
डॉ. वसी शेख ने सूत्रसंचालन किया. डॉ. किरण कोकाटे ने आभार माना.

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