कोविड के बाद वित्तीय दृष्टिकोण में सुधार; एचडीएफसी लाइफ का ‘लाइफ फ्रीडम इंडेक्स’ 9 अंकों की वृद्धि के साथ उपभोक्ताओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है
Mumbai: एचडीएफसी लाइफ ने अपने लाइफ फ्रीडम इंडेक्स (LFI) का नवीनतम संस्करण पेश किया है। यह इंडेक्स भारतीय उपभोक्ताओं की “फाइनेंशियल फ्रीडम” यानी वित्तीय स्वतंत्रता के स्तर को मापने और समझने के लिए 2011 में शुरू किया गया था। यह अध्ययन उपभोक्ताओं की बदलती वित्तीय जरूरतों और प्राथमिकताओं का गहराई से विश्लेषण करता है। LFI ने जीवन के तीन मुख्य चरणों – यंग एस्पिरेंट्स (युवाओं की आकांक्षाएं), प्राउड पैरेंट्स (गर्वीले माता-पिता), और विज़डम इन्वेस्टर्स (अनुभवी निवेशक) – के आधार पर भारतीयों की वित्तीय प्राथमिकताओं को वर्गीकृत किया है। यह अध्ययन उपभोक्ताओं को उनके जीवन के विभिन्न चरणों में वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।
एलएफआई में चार उप-सूचकांक शामिल हैं:
· वित्तीय जागरूकता और परिचय (फैमिलिएरिटी) सूचकांक
वत्तीय नियोजन सूचकांक
· वित्तीय पर्याप्तता और पर्याप्तता सूचकांक
· वित्तीय स्वतंत्रता सूचकांक
स्टडी का यह संस्करण (2024) नील्सन आईक्यू द्वारा 15 शहरों (4 जोन और टियर 1, 2, 3 का अच्छा प्रतिनिधित्व) में 2076 उत्तरदाताओं के बीच आयोजित किया गया था।
2024 के लेटेस्ट लाइफ फ्रीडम इंडेक्स (LFI) में 70.8 का स्कोर दर्ज किया गया है, जो 2021 की तुलना में 9 अंक ज्यादा है। यह उछाल बताता है कि महामारी के बाद उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास और फाइनेंशियल प्लानिंग के प्रति उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।
इस सुधार का मुख्य कारण LFI के सभी उप-सूचकांकों, खासतौर से वित्तीय नियोजन और वित्तीय पर्याप्तता में हुई वृद्धि है। हालांकि, वित्तीय जागरूकता और जानकारी में अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी ने यह दिखाया है कि उपभोक्ताओं को फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सेवाओं के बारे में बेहतर जानकारी की जरूरत है।
एलएफआई से यह भी पता चलता है कि उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं कौन-सी हैं। इनमें बच्चों की वित्तीय सुरक्षा, शारीरिक और मानसिक फिटनेस और जीवन स्तर को बेहतर बनाना सबसे ऊपर हैं। साथ ही, रिटायरमेंट प्लानिंग धीरे-धीरे एक जरूरी वित्तीय जिम्मेदारी के रूप में लोकप्रिय हो रही है। रिटायरमेंट की योजना बनाते समय लोग मुख्य रूप से स्वास्थ्य, रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की देखभाल के खर्चों को ध्यान में रख रहे हैं, जो इसे हर आयु वर्ग के लिए एक अहम प्राथमिकता बना रहे हैं।
लाइफ फ्रीडम इंडेक्स (LFI) के अनुसार, उपभोक्ताओं की श्रेणी में विज़डम इन्वेस्टर्स सबसे आगे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा प्रगति दिखाई है। इनके बाद यंग एस्पिरेंट्स और प्राउड पैरेंट्स का स्थान आता है।
LFI के ताजा संस्करण में यह भी सामने आया है कि टियर 3 शहरों के उपभोक्ता और कामकाजी महिलाएं वित्तीय योजना और आत्मविश्वास के मामले में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं।
टियर 3 उपभोक्ताओं में यह सुधार डिजिटल तकनीक और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण संभव हुआ है, जिससे उन्हें आसान और तेज वित्तीय सेवाओं का लाभ मिला है। वहीं, कामकाजी महिलाओं में यह उछाल महिलाओं को सशक्त बनाने वाली पहलों और डिजिटल प्रगति की वजह से हुआ है, जिसने उन्हें वित्तीय ज्ञान और शिक्षा तक आसान पहुंच प्रदान की है।
यह बदलाव बताता है कि तकनीकी प्रगति और जागरूकता फैलाने के प्रयास देशभर में लोगों को अपनी वित्तीय आजादी और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।
एचडीएफसी लाइफ, अपने पिछले संस्करण से ही लाइफ इंश्योरेंस कॉन्फिडेंस इंडेक्स पर नजर रख रहा है, जो यह मापता है कि उपभोक्ता अपनी वित्तीय योजना और लक्ष्यों को हासिल करने में जीवन बीमा को कितना महत्वपूर्ण मानते हैं। इस इंडेक्स में 9.3 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह दिखाता है कि लोग अब जीवन बीमा को अपनी वित्तीय रणनीति का एक अहम हिस्सा मानने लगे हैं। इस बढ़ोतरी का कारण यह है कि लोग दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों और सुरक्षा के लिए जीवन बीमा पर अधिक भरोसा कर रहे हैं
पश्चिमी भारत में इस इंडेक्स ने सबसे अधिक अंक हासिल किए हैं, जबकि पूर्वी भारत ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है। टियर 3 बाजारों में भी सुधार देखा गया है, जो यह दर्शाता है कि छोटे शहरों में भी जीवन बीमा की मांग तेजी से बढ़ रही है। स्टडी यह भी बताती है कि लोगों को जीवन बीमा प्रोडक्ट्स के बारे में बेहतर जानकारी हो रही है। जीवन बीमा खरीदने के पीछे मुख्य कारण हैं – वित्तीय सुरक्षा, अच्छा रिटर्न, बच्चों का भविष्य और जीवनशैली बनाए रखना। इन जरूरतों ने जीवन बीमा को हर वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन बना दिया है।
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एचडीएफसी लाइफ के ग्रुप हेड स्ट्रैटेजी और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर विशाल सभरवाल ने लाइफ फ्रीडम इंडेक्स (एलएफआई) के लॉन्च पर कहा, “हमने एलएफआई को इस उद्देश्य से बनाया है कि यह भारतीय उपभोक्ताओं के बीच उनकी वित्तीय तैयारी को मापने वाला एक महत्वपूर्ण संकेतक बने। पिछले कुछ सालों में, हमने देखा है कि इस इंडेक्स में निरंतर सुधार हुआ है। हर नए अध्ययन के साथ यह स्पष्ट होता है कि उपभोक्ताओं का वित्तीय मामलों में आत्मविश्वास बढ़ा है। यह बदलाव एक ओर वित्तीय सुरक्षा पर बढ़ते फोकस को दिखाता है, तो दूसरी ओर लोगों के भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है। इस साल का अध्ययन खासतौर पर कामकाजी महिलाओं और टियर 3 बाजारों में वित्तीय स्वतंत्रता के बढ़ते स्तर को सामने लाया है। साथ ही, जीवन बीमा विश्वास सूचकांक में आई बड़ी वृद्धि यह दर्शाती है कि अच्छी वित्तीय योजना में जीवन बीमा की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है। हमें विश्वास है कि यह अध्ययन न केवल एचडीएफसी लाइफ, बल्कि पूरे जीवन बीमा उद्योग को ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के हमारे लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा।”