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सह्याद्री हॉस्पिटल्स ने डोज़ी के साथ लॉन्च किया महाराष्ट्र का पहला ‘एआई-पावर्ड हेल्थ कमांड सेंटर’, मरीजों की सुरक्षा और देखभाल में होगा बड़ा सुधार  

सह्याद्री हॉस्पिटल्स ने डोज़ी के साथ लॉन्च किया महाराष्ट्र का पहला ‘एआई-पावर्ड हेल्थ कमांड सेंटर’, मरीजों की सुरक्षा और देखभाल में होगा बड़ा सुधार

 

 

पुणे : सह्याद्री ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने मरीजों की सुरक्षा और देखभाल को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारत की अग्रणी रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग एजेंसी डोज़ी के सहयोग से सह्याद्री ने ‘एआई-पावर्ड हेल्थ कमांड सेंटर’ लॉन्च किया है। यह नया सेंटर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मरीजों की हालत पर लगातार नजर रखता है और गंभीर स्थितियों का तुरंत पता लगाकर त्वरित उपचार सुनिश्चित करता है। यह सेंटर डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए मरीजों की वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराता है। एआई तकनीक के जरिए, यह सिस्टम मरीजों की स्थिति का सटीकता से विश्लेषण करता है और बीमारी के शुरुआती संकेतों की पहचान करता है। गंभीर मामलों में यह इमरजेंसी टीम को तुरंत अलर्ट करता है, जिससे सही समय पर इलाज शुरू किया जा सके।

 

 

 

फिलहाल यह सेंटर सह्याद्री के हडपसर और डेक्कन अस्पतालों में संचालित हो रहा है। अगले छह महीनों में इसे सभी सह्याद्री अस्पतालों में लागू किया जाएगा। इस पहल से मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई क्रांति की शुरुआत हो रही है।

 

 

 

सह्याद्री हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, श्री अबरार अली दलाल ने कहा कि ‘’महाराष्ट्र का पहला एआई-पावर्ड हेल्थ कमांड सेंटर लॉन्च करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह सेंटर मरीजों की सुरक्षा और देखभाल में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। डोज़ी के साथ साझेदारी से यह पहल यह दिखाती है कि हम उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करके मरीजों के इलाज को कैसे बेहतर बना सकते हैं। यह तकनीक मरीजों की हालत की हर समय निगरानी करती है और डॉक्टरों को तुरंत इलाज शुरू करने में मदद करती है।‘’

 

 

 

सह्याद्री ग्रुप के सीओओ कर्नल (सेवानिवृत्त) डॉ. सुनील राव ने कहा कि ‘’सह्याद्री हमेशा से हेल्थकेयर में नई-नई चीजों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। एआई-पावर्ड हेल्थ कमांड सेंटर उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा हेल्थकेयर सिस्टम बनाना है जो ज्यादा सुरक्षित, स्मार्ट और तेज हो। एआई की मदद से हम मरीजों को बेहतरीन इलाज और बेहतर नैदानिक परिणाम प्रदान करना चाहते हैं। यह पहल सह्याद्री को टेक्नोलॉजी-ड्रिवन हेल्थकेयर में एक अग्रणी स्थान पर ले जाती है। डोज़ी के साथ मिलकर, हम मरीजों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। डोज़ी की यह उन्नत तकनीक न केवल मरीजों की सुरक्षा को बढ़ाती है, बल्कि अस्पताल के संचालन को भी अधिक कुशल बनाती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर और अधिक प्रभावी बनती हैं।‘’

 

 

 

सह्याद्री हॉस्पिटल के डायरेक्टर ऑफ क्रिटिकल केयर, डॉ. कपिल बोरावके ने बताया कि ‘’मरीजों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस नए एआई-पावर्ड सिस्टम की मदद से हम बीमारियों का इलाज करने के साथ-साथ उन्हें पहले ही रोकने की कोशिश कर सकते हैं। यह सिस्टम मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखता है और अगर उनकी हालत बिगड़ने वाली हो, तो हमें पहले से अलर्ट कर देता है। इससे हम समय पर इलाज शुरू कर सकते हैं और मरीज की जान बचाने में मदद मिलती है।‘’

 

 

 

अस्पताल में डोज़ी का रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम (आरएमएस) और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (ईडब्ल्यूएस) सभी गैर-आईसीयू वार्ड के बेड्स पर लगाया गया है। यह सिस्टम बिना किसी शारीरिक संपर्क के मरीजों की दिल की धड़कन, सांस लेने की गति, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल, तापमान और ईसीजी की लगातार निगरानी करता है। यदि किसी मरीज की तबीयत बिगड़ने वाली होती है, तो डोज़ी का ईडब्ल्यूएस तुरंत डॉक्टरों को अलर्ट कर देता है। डोज़ी की यह तकनीक भारत में विकसित की गई है और इसका पेटेंट भी भारत के नाम है। यह बैलिस्टोकार्डियोग्राफी (बीसीजी) तकनीक का उपयोग करती है, जो मरीज की स्थिति का सटीक आकलन करती है।

 

 

 

डोज़ी की एमडी, डॉ. निखिला जुव्वादी ने कहा कि सह्याद्री अस्पताल के साथ यह साझेदारी स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एआई-पावर्ड हेल्थ कमांड सेंटर केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं है, बल्कि यह डॉक्टरों को आधुनिक टूल्स देकर उन्हें मरीजों की बेहतर देखभाल में सक्षम बनाता है। इससे मरीजों की सुरक्षा और बेहतरीन इलाज सुनिश्चित होता है। यह पहल सह्याद्री और डोज़ी के साझा लक्ष्य को मजबूत करती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता।

 

 

 

सह्याद्री ने इस तकनीकी पहल से खुद को इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में स्थापित किया है। यह कदम देश के अन्य अस्पतालों के लिए एक मिसाल बन गया है कि आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं को मिलाकर कैसे मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकती हैं। यह साझेदारी न केवल मरीजों के इलाज में एक नई उम्मीद लेकर आई है, बल्कि देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक नया मानक भी तय किया है।

 

 

 

 

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