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हीट बेव(लू) से बचाव के लिए जरूरी कदम संबंधी जानकारी(क्या करें,क्या न करें):-अपर चिकित्सा अधिकारी 

 

 

हीट बेव(लू) से बचाव के लिए जरूरी कदम संबंधी जानकारी(क्या करें,क्या न करें):-अपर चिकित्सा अधिकारी 

 

इटावा विशाल समाचार संवाददाता:अपर चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में हीट बेव(लू) से बचाव के लिए जरूरी कदम संबंधी जानकारी(क्या करें,क्या न करें) के संबंध में आगामी गर्मी के प्रभाव और इसके कारण से उत्पन्न होने वाले रोगों से बचाव हेतु जनपद के जन-मानस हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

क्या करें- 1. हीट स्ट्रोक, हीट रैशिश, हीट कैम्प के लक्षणों जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सरदर्द, उल्टी, पसीना आना, मूर्छा/बेहोशी को पहचाने। मूर्छा/बेहोशी अथवा कमजोरी का अनुभव होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। 2. अधिक से अधिक पानी, ओ०आर०एस०, छाछ, नीबू पानी, मौसमी फल जैसे-नीबू, संतरा, खीरा, तरबूज आदि का सेवन कर शरीर को हाइड्रेटेड रखें। 3. कपडे हल्के रंग के पहने, धूप चश्मा, छाता, टोपी, जूते / चप्पल आदि पहनकर बाहर निकलें। खुले में कार्य करने वाले कार्मिक/ कामगार सिर, चेहरा, हाथ-पैरों को गीले कपडे से ढककर रखें। 4. सीधे धूप के सम्पर्क खासकर दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। पंखा कूलर गीले कपडे व छाता आदि का प्रयोग करें। जानवरों कों छायादार स्थानों में रखें तथा पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें। 5. वुजुर्गों एवं बीमार व्यक्त्तियों की नियमित देखभाल की जाये। 6. घरों को ठंडा रखें-दिन में पर्दे, खिडकियां, दरवाजे बन्द रखें तथा रात में खिडकियां, खोलकर रखें ताकि शुद्ध वायु का संचरण होता रहें।7. एक वर्ष से कम आयु के छोटे बच्चे / शिशु, गर्भवती माताएं, वाह‌्य वातावरण में कार्य करने वाले लोग, उच्च रक्त चाप व हृदय रोगी, ठंडे क्षेत्र से गर्म क्षेत्र को प्रवास करने वाले व्यक्ति अपना विशेष ध्यान रखें ताकि हीट बेव से बचा जा सके।

क्या न करें– 1. अधिक गर्मी वाले समय खासकर दोपहर 12 बजे से 03 बजे के मध्य बाहर न निकलें। 2. अधिक प्रोटीन युक्त व वासी भोजन का सेवन न करें। कटे एवं खुले फल/सब्जियों का प्रयोग न करें। 3. बच्चों तथा जानवरों को खडी गाडी में न छोडें। 4. गहरे रंग व तंग कपडे न पहने। 5. अधिक चाय, कॉफी, शराब, कार्बोनेटेड साफ्‌ट ड्रिंक आदि के सेवन से वचें क्योंकि इनसे शरीर में निर्जलीकरण होता है। 6. जब वाहर का तापमान ज्यादा हो तो हार्ड वर्क (भारी कार्य) न करें।

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