लखनऊएग्रीकल्चर

स्थापित किए जा रहे आलू अनुसंधान केन्द्र का उद्यान मंत्री तथा वन मंत्री ने स्थलीय निरीक्षण कर समीक्षा की

स्थापित किए जा रहे आलू अनुसंधान केन्द्र का उद्यान मंत्री तथा वन मंत्री ने स्थलीय निरीक्षण कर समीक्षा की

 

आगरा के सींगना में स्थापित की जा रही अंतर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान केन्द्र पेरू की शाखा 

यह विश्व में चौथा सीआईपी केन्द्र होगा, इससे पूर्व पेरू, केन्या, चीन में स्थापित है

लखनऊ विशाल समाचार संवाददाता 

उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह एवं वन, पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने सींगना में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना हेतु आगरा के सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राजकीय उद्यान प्रक्षेत्र सींगना का स्थलीय निरीक्षण किया। बैठक में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के वैज्ञानिकों एवं कार्मिकों के आने जाने हेतु सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क का उपयोग विभिन्न शर्तों के अधीन उपयोग करने की अनुमति प्रदान की गई।

उद्यान मंत्री ने बताया कि हाल ही में अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के महानिदेशक डा0 साइमन हेक द्वारा केन्द्र की स्थापना के सम्बन्ध में मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से भी मुलाकात की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद आगरा व उसके आस-पास के पड़ोसी जनपदों में बहुत बड़े क्षेत्रफल में आलू की कृषि की जाती है, अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र की स्थापना से किसानों को विश्व स्तरीय बीज प्राप्त होगा, जिससे गुणवत्ता तथा उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति के साथ आलू उत्पादन की नई तकनीकी भी कृषकों को मिलती रहेगी, डबल इंजन की सरकार किसानों के उत्पादन बढ़ाने और उनकी आय दोगुनी करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनपद आगरा के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के केन्द्र की स्थापना होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में आलू के प्रसंस्करण एवं निर्यात हेतु जर्मप्लाज्म की सुविधा उपलब्ध होगी। इस केन्द्र के खुल जाने से गुणवत्तायुक्त आलू के बीज निर्यात भी किए जायेंगे जिससे किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। उन्होंने बताया कि मई या जून माह में सींगना स्थित केन्द्र का सीआईपी के बोर्ड के प्रतिनिधि मण्डल का आगमन भी प्रस्तावित है।

 

बैठक में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 अरुण कुमार ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र, आगरा ही नहीं यूपी व देश के किसानों हेतु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उपस्थित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यान विभाग से पूर्ण समन्वय करते हुए सभी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर यथाशीघ्र कार्य को सम्पादित कराना सुनिश्चित करें।

सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क ईको सेंन्सेटिव जोन के अंतर्गत होने के कारण सड़क उपयोग के दूरगामी प्रभाव का अध्ययन मा0 न्यायालय एवं बीएनएचएस से अनुमति प्राप्त करने तथा सूरसरोवर पक्षी बिहार में होने वाले दूरगामी प्रभाव का अध्ययन बीएनएचएस या वाइल्ड लाइफ इंन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से कराने का अनुरोध किया गया है। इसके क्रम में अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के कार्मिकों के आने जाने हेतु सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क के माध्यम से अनुमति हेतु उप वन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट उ0प्र0, आगरा को निर्देशित किया गया है। सूरसरोवर पक्षी विहार से होकर जाने वाले मार्ग का सीमित एवं नियमित प्रयोग अन्तर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान संस्थान पेरू की सींगना शाखा में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोग किए जाने हेतु पूर्णतः स्वचालित, आधुनिक इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक गेट का निर्माण, गेट की पूर्णकालिक सुरक्षा व रख-रखाव तथा सुरक्षा श्रमिकों को नियोजित किए जाने हेतु वन विभाग को उद्यान विभाग द्वारा बजट उपलब्ध कराया जायेगा, गेट से आगे की यात्रा हेतु बैट्री चालित अप्रदूषणकारी वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। इस कार्य को जल्द सम्पादित किया जायेगा।

बैठक में सींगना में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना हेतु अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई जिसमें बताया गया कि उद्यान विभाग द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र पेरू, लीमा के सहयोग से राजकीय आलू प्रक्षेत्र सींगना में अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र पेरू की शाखा स्थापित किए जाने हेतु चिन्हित 10 हेक्टेयर भूमि को 99 वर्ष के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड को लीज (पट्टे) पर निःशुल्क दी गई है तथा राजस्व अभिलेखों/खतौनी में भी दर्ज करा दिया गया है तथा राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र का भवन तीन वर्षों के लिए निःशुल्क रूप में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड भारत सरकार, को उपयोग हेतु दिए जाने के निर्देश दिए गये हैं। आगरा में स्थापित होने वाला केन्द्र विश्व में चौथा होगा, इससे पूर्व पेरू, केन्या, चीन में सीआईपी स्थापित किए गये हैं। *साथ ही राजकीय आलू बीज उत्पादन प्रक्षेत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु रू0 724.44 लाख धनराशि* का प्रस्ताव उद्यान विभाग को प्रेषित किया गया है।

 

इस अवसर पर ’इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर (सीआईपी) के एडमिनिस्ट्रेटिव हैड श्री जेनोथन मैक्की, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करणा बी.एल. मीणा, विशेष सचिव वन, निदेशक उद्यान वी.वी. द्विवेदी तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button