
‘रेवड़ी’ की कीमत वसूलेगी देवेंद्र फडणवीस सरकार, जनता को बड़े झटके की तैयारी!
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई लड़की बहिन योजना और तमाम अन्य रेवड़ी कल्चर की कीमत वसूलने की तैयारी हो गई है. राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनी महायुति की सरकार नागरिकों को बड़ा झटका देने वाली है.
Maharashtra News: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई तमाम मुफ्त योजनाओं के दिन अब लदने वाले हैं. राज्य में पूर्व की एकनाथ शिंदे की सरकार ने लड़की बहिन सहित कई योजनाए शुरू की थीं. इससे खजाने पर भारी बोझ पड़ा था. अब राज्य सरकार अपनी आर्थिक सेहत दुरुस्त करने के लिए कई अहम कदम उठाने की योजना पर काम कर रही है. इस कड़ी में सबसे पहले राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने वाले बोझ पड़ने वाला है.
दरअसल, राज्य विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब महंगाई की मार सबके सामने है. नागरिकों पर राज्य परिवहर (एसटी) किराया वृद्धि की तलवार लटक रही है. एसटी कॉर्पोरेशन की ओर से 14.95 फीसदी किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव पेश किया गया है. राज्य सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव पर फैसला ले सकती है. निगम ने एसटी किराये में 14.95 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है. एसटी निगम के अध्यक्ष भरत गोगवले ने बताया कि राज्य सरकार इस पर निर्णय लेगी. निगम ने पिछले तीन साल से किराया नहीं बढ़ाया है. इसलिए अब किराया कुछ हद तक बढ़ाया जाएगा. निगम की ओर से 14.95 फीसदी किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है. भरत गोगवले ने बताया कि राज्य सरकार इस पर फैसला लेगी. महागठबंधन सरकार द्वारा महिलाओं के लिए टिकट किराए में 50 प्रतिशत रियायत और 75 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा के बाद एसटी यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है
एसटी के बेड़े में नई बसें…
भरत गोगवले ने कहा कि हम नए साल में 3500 हजार नई बसें ला रहे हैं. उनमें से कुछ नई बसें ले रहे हैं तो कुछ किराये पर ले रहे हैं. इसमें हम 2200 अशोक लीलैंड बसें ला रहे हैं. नई बसें आने पर पुरानी बसें तोड़नी पड़ेंगी. 2018 में एसटी के बेड़े में 18 हजार बसें थीं. लेकिन पिछले 3-4 सालों में कोरोना महामारी और कुछ अन्य कारणों से एसटी नई बसें नहीं खरीद पाई है. बेड़े में कई बसें पुरानी होने के कारण उनके खराब होने की दर बढ़ गई है, साथ ही बसों की कमी के कारण यात्रियों को अतिरिक्त बस यात्राएं उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा है. इस सबको ध्यान में रखते हुए एसटी ने 2200 स्व-स्वामित्व वाली बसें खरीदने और 1300 बसें पट्टे पर लेने का निर्णय लिया है. इनमें से करीब साढ़े तीन हजार बसें जनवरी से एसटी के बेड़े में शामिल हो जाएंगी.