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श्री रोहित गेरा, प्रबंध निदेशक, गेरा डेवेलपमेंट्स का महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित रेडी रेकनर दरों पर बयान

श्री रोहित गेरा, प्रबंध निदेशक, गेरा डेवेलपमेंट्स का महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित रेडी रेकनर दरों पर बयान

 

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रेडी रेकनर (RR) दरों में किया गया हालिया संशोधन संपत्ति मूल्यों को बाजार की मौजूदा प्रवृत्तियों के अनुरूप लाने की दिशा में एक कदम है। पूरे राज्य में औसतन 4.39% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 5.95% तक पहुंच गई है।

 

पुणे में रेडी रेकनर दरों में 4.16% की वृद्धि की गई है, जबकि पड़ोसी पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में यह बढ़ोतरी 6.69% तक हुई है। इन संशोधनों का प्रभाव संपत्ति के मूल्यांकन और संबंधित लागतों पर पड़ना तय है।

 

हालांकि, रेडी रेकनर दरों में वृद्धि का उद्देश्य बाज़ार मूल्य को प्रतिबिंबित करना है, लेकिन यह दरें किसी भी क्षेत्र में संपत्तियों का औसत मूल्य दर्शाती हैं। ऐसे में, कुछ संपत्तियां इस औसत दर से कम कीमत पर होती हैं और कुछ अधिक। आमतौर पर, जो संपत्तियां औसत दर से कम कीमत पर होती हैं, वे किफायती आवास श्रेणी में आती हैं। इस वृद्धि के चलते किफायती घरों पर स्टांप ड्यूटी बढ़ेगी, जिससे ऐसे घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

 

इसके अलावा, डेवलपर्स को भी रेडी रेकनर दरों के अनुरूप ही कीमतें तय करनी होंगी, क्योंकि इससे कम कीमत पर घर बेचने से डेवलपर्स को नकारात्मक कर परिणामों (Negative Tax Consequences) का सामना करना पड़ सकता है।

 

दीर्घकालिक दृष्टि से, सरकार को रेडी रेकनर दरों को औसत मूल्य पद्धति के बजाय सुविधाओं और सुविधाजनक स्थानों के आधार पर निर्धारित न्यूनतम दरों और गुणकों (multipliers) की प्रणाली अपनाने की जरूरत है। यह तरीका संपत्तियों की मूल्य निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाएगा।

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