जागतिक पुस्तक दिन की अवसर पर पुस्तक महोत्सव का आयोजन
पुणे: पालवीया फाऊंडेशन की ओर से और नुक्कड़ कैफे, एमआईटी-वर्ल्ड पीस युनिव्हर्सिटी (एमआयटी डब्ल्यूपीयु ), नॅशनल एचआरडी नेटवर्क-पुणे चॅप्टर, विलू पुनावाला फाउंडेशन, समीक्षा सोशल इनिशिएटिव्ह और रायटर्स वेब की सहकार्य से पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया गया है. यह पुस्तक महोत्सव ११ और १२ अप्रैल २०२५ को एमआईटी-वर्ल्ड पीस युनिव्हर्सिटी, कोथरूड में सुबह १० से शाम ५ बजे तक शुरू रहेगा. इस साल के पुस्तक महोत्सव की संकल्पना एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्टोरीज (असाधारण कथा) यह है. इसमें जिन लोगों ने विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है ,ऐसी परिवर्तनीय शक्ति को कहानी के द्वारा पेश किया जाएगा.
इस महोत्सव में दृष्टिहीन कवि, दिव्यांग लेखक, तिहार जेल के कैदियों की कविताएं पेश की जाएगी. महोत्सव के दूसरे दिन उद्देश्यपूर्ण लेखन, साहित्य का महत्व और कृती को प्रेरणा देने के लिए आकर्षक कथन करने की क्षमता, साथ ही में गहरा मार्गदर्शन किया जाएगा.
इस समय बोलते हुए पालवीया फाउंडेशन और नुक्कड़ कैफे के संस्थापक वैभव पालीवाल ने कहा की, साहित्य यह केवल अभिव्यक्ती का माध्यम नहीं है वह एक प्रकार से विकास का मार्ग है. दृष्टिहीन, दिव्यांग और कारागृह में होनेवाले लोगों का भी साहित्य के माध्यम से वैचारिक विस्तार हुआ है,जिससे जीवन में नए मौके तैयार हो रहे है. शब्दों के माध्यम से खुद की खोज करने का सफर औरों के लिए प्रेरणादायक होता है. कहानियों में जीवन को तरक्की की ओर अधिक करूणामयी समाज निर्माण करने की शक्ति होती है.
‘फ्रॉम लेटर्स ॲन्ड डायरीज्’ यह इस महोत्सव की विशेषता है. इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रसिद्ध भारतीय टेलीविजन निर्माता और सादरकर्ता सिद्धार्थ काक अपने लव्ह, एक्जाइल, रिडेमप्शन इस नए किताब के बारे में बात करेंगे. व्हर्सेस बियाँड साईट इस कार्यक्रम के माध्यम से दृष्टिहीन कवि कविता के द्वारा अपनी रचनात्मकता सादर करने वाले है. पॉवर ऑफ व्हॉईस कार्यक्रम के माध्यम से कवी तेनझीन त्सुन्दुए स्टोरी टेलिंग – सामाजिक परिवर्तन का साधन इस पर बात करेंगे. इन सर्च ऑफ मीनिंग में प्रतिकूल परिस्थिती में दृढ़ निश्चय से साहित्य की भूमिका इस बारे में डॉ. विशाल घुले बात करेंगे, तथा स्टोरीज दॅट हील ॲन्ड इन्स्पायर में तिहार जेल के कैदियों ने लिखे कविता के बारे में दिव्यांग कथा लेखक सादरीकरण करेंगे.

