रीवा

कार्यालयों में ई-आफिस से चलेंगी फाइलें, पेपरलेस होगी कार्यप्रणाली, डाक व्यवस्था होगी समाप्त

कार्यालयों में ई-आफिस से चलेंगी फाइलें, पेपरलेस होगी कार्यप्रणाली, डाक व्यवस्था होगी समाप्त

 

 

रीवा विशाल समाचार प्रतिनिधि: शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री आवास से ई-आफिस कार्यप्रणाली का शुभारम्भ किया था। जिसके बाद संभाग और जिले स्तर पर ई-ऑफिस को लागू करने का कार्य शुरू हो चुका है। जिसके तहत रीवा संभागीय कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय इस कार्यप्रणाली में पूरी तरह से ऑन-बोर्ड हो चुके हैं। साथ ही रीवा जिले के 35 विभाग भी ई-ऑफिस में ऑन-बोर्ड हो चुके हैं, जिसमें से 20 कार्यालय/सेक्शन ई-आफिस से फाइलें भेजने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इसमें से कलेक्ट्रेट की भू-अभिलेख शाखा ने सर्वाधिक 9 फाइलों का ई-ऑफ़िस से निपटारा किया गया। जिले के अन्य विभाग भी अब पूरी तरह से फाइलें ई-ऑफ़िस से ही प्रेषित कर रहे हैं |

 

 

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि ई-ऑफिस एक डिजिटल क्रांति के रूप में हैं। इससे हम सिंगल क्लिक से अनुमोदित कर फाइल सम्बंधित कार्यालय को वापस कर सकते हैं। जिले में पूरी तरह ई-ऑफिस में शिफ्ट होने के बाद हम अनुभाग, जनपद और तहसील स्तर तक लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। संयुक्त कलेक्टर प्रमोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि मैंने अपनी सभी शाखाओं से फाइले ई -ऑफिस से ही लेना शुरू कर दिया हैं l ई-ऑफिस से ही नोटशीट बनाना, ड्राफ्ट को अप्रूवल करना, ई साइन करके फाइल आगे बढ़ा देना काफी आसान हैं। जिला नोडल अधिकारी ई आफिस मनीष पटेल ने बताया कि रीवा संभागीय कार्यालय, कार्यालय कलेक्टर एवं जिले के लगभग 35 कार्यालय ई-ऑफिस में ऑन-बोर्ड हो चुके हैं। सभी विभागों को रोस्टर जारी कर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका हैं। अप्रैल माह तक सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस में ऑन-बोर्ड कर दिया जायेगा। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों-कर्मचारियों को नोडल अधिकारी प्रशिक्षण दिया गया।

 

 

ई-आफिस के लाभ- ई-आफिस से अधिकारी/कर्मचारी अपनी शासकीय ईमेल-आईडी से अन्य अधिकारी को फाइलें भेज सकेंगे और वरिष्ठ अधिकारी से अनुमोदन भी ऑनलाइन ही प्राप्त किया जा सकेगा। ई-आफिस सिस्टम से समय और पेपर दोनों की बचत होगी। इस सिस्टम से शासकीय कार्यप्रणाली में गति एवं पारदर्शिता आयेगी, फाइल की हेराफेरी एवं काट-छांट की गुंजाइश समाप्त होगी। फाइल के बनने से लेकर व किस स्थिति में है ई-ऑफिस से ऑनलाइन देखा जा सकेगा साथ ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को काम तय समयसीमा में करना होगा।

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