
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का निरीक्षण – बताया अभियांत्रिकी क्षेत्र का चमत्कार
मुंबई-पुणे का सफर होगा अब और तेज़, देश का सबसे लंबा सुरंग और सबसे ऊंचा पुल इस परियोजना का हिस्सा
पुणे,मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मुंबई-पुणे द्रुतगति महामार्ग (एक्सप्रेसवे) पर निर्माणाधीन ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे अभियांत्रिकी क्षेत्र का एक चमत्कार बताया और कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से मुंबई से पुणे की यात्रा में आधे घंटे की कमी आएगी।
निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना देश में तकनीकी दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना के अंतर्गत जो सुरंग (टनल) बनाई जा रही है, वह लगभग 9 किलोमीटर लंबी और 23 मीटर चौड़ी होगी, जो भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग होगी। इसके अलावा, परियोजना में 185 मीटर ऊँचाई वाला पुल भी बनाया जा रहा है, जो देश में अब तक का सबसे ऊँचा पुल होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से घाट क्षेत्र की सड़कें बाइपास होंगी जिससे भारी ट्रैफिक और दुर्घटनाओं की संभावनाओं में कमी आएगी। यात्रा अधिक आरामदायक होगी, समय और ईंधन की बचत होगी तथा वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना अत्याधुनिक तकनीक से बनाई जा रही है और यह राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए गेम-चेंजर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना स्थल पर वायुदाब और वातावरण की कठिन परिस्थितियों में इंजीनियर और श्रमिक अत्यंत समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
परियोजना का 94% कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कठिन परिस्थितियों में कार्यरत अभियंताओं और मज़दूरों की सराहना की।
इस निरीक्षण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद श्रीरंग बारणे, पूर्व विधायक बाळा भेगडे, नगर विकास विभाग की प्रधान सचिव मनीषा म्हैसकर, पुणे के संभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, कोकण संभागीय आयुक्त विजय सूर्यवंशी, पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी, रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावळे, रायगढ़ जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहा भोसले, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक अनिलकुमार गायकवाड, सह-प्रबंध निदेशक मनुज जिंदल, मुख्य अभियंता राजेश पाटील, अधीक्षण अभियंता राहुल वसईकर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के प्रबंध निदेशक श्री अनिलकुमार गायकवाड ने दी।


