
मेधा कुलकर्णी की वजह से शहर दंगों के कगार पर – राहुल डंबाले का गंभीर आरोप
कुलकर्णी पर कार्रवाई की मांग पुलिस आयुक्त से की गई
पुणे – शनिवार वाड़ा में कथित नमाज़ प्रकरण के बहाने शहर की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की दिशा में राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी द्वारा किया गया बिना अनुमति का आंदोलन और उसके बाद दिए गए उनके विवादित बयान पुणे शहर को दंगों की स्थिति की ओर ले जाने वाले हैं। इस संबंध में रिपब्लिकन युवा मोर्चा के नेता राहुल डंबाले ने पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार से मुलाकात कर कुलकर्णी पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस अवसर पर कोंढवा के पूर्व नगरसेवक एडवोकेट हाजी कपूर पठान भी उनके साथ उपस्थित थे।
19 अक्टूबर को शनिवार वाड़ा में मेधा कुलकर्णी ने कथित तौर पर यह दावा किया कि वहां पहले नमाज़ अदा की गई थी। इसके बाद वे हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं के साथ बिना प्रशासनिक अनुमति शनिवार वाड़ा परिसर में घुस गईं और तथाकथित “शुद्धिकरण” कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्रवाई पुलिस के आदेशों की अवहेलना और एक जनप्रतिनिधि के लिए अत्यंत अनुचित आचरण मानी जा रही है।
इसके साथ ही, इस घटना के बाद मेधा कुलकर्णी द्वारा दिए गए उकसाने वाले वक्तव्य समाज में धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाले और दंगों को भड़काने वाले हैं। इसी कारण नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी की ओर से उनकी कड़ी कानूनी जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
नेताओं ने कहा कि मेधा कुलकर्णी इससे पहले भी कसबा पेठ स्थित छोटा शेख सालाउद्दीन दरगाह में इसी प्रकार की गतिविधि कर चुकी हैं। अब दोबारा की गई यह हरकत इस बात का संकेत है कि वे शहर की शांति व्यवस्था भंग करने की नीयत से ऐसे कदम उठा रही हैं। यदि पुलिस प्रशासन ने इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं की, तो मुंबई उच्च न्यायालय में विशेष जनहित याचिका दाखिल कर न्याय प्राप्त किया जाएगा, ऐसी स्पष्ट भूमिका नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी ने ली है।
पुलिस आयुक्त को निवेदन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी उन्हें दी। इस पर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ाने के बजाय धार्मिक ध्रुवीकरण कर शहर को तनाव की स्थिति में लाना, मेधा कुलकर्णी जैसी शिक्षित और सुसंस्कृत जनप्रतिनिधि के लिए शोभनीय नहीं है। इस घटना से मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, ऐसा मत एडवोकेट गफूर पठान ने व्यक्त किया।



