सोशल मीडिया पर फैल रहा फूहड़ कंटेंट युवाओं पर डाल रहा नकारात्मक असर
— समाजशास्त्रियों ने जताई गहरी चिंता
विशाल समाचार विशेष रिपोर्ट
आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अशोभनीय, फूहड़ और अभद्र शब्दों से भरे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई कंटेंट क्रिएटर बिना किसी जिम्मेदारी के ऐसे वीडियो बनाकर लोगों के बीच प्रसारित कर रहे हैं, जिनका ना तो बॉलीवुड से कोई संबंध है और ना ही इनका वास्तविक मनोरंजन से कोई लेना-देना होता है। ज्यादा व्यूज़ और फॉलोअर्स के लालच में यह सामग्री बच्चों और युवाओं तक आसानी से पहुँच रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के वीडियो समाज पर गहरा नकारात्मक असर डाल रहे हैं। फूहड़ भाषा, अभद्र हरकतें और असामाजिक व्यवहार को मनोरंजन के रूप में परोसा जाना चिंता का विषय है। परिवारों में बच्चे और किशोर ऐसे वीडियो देखकर गलत शब्द, गलत व्यवहार और गलत सोच अपनाने लगे हैं, जिससे समाज की संस्कृति और नैतिक मूल्यों पर चोट पहुँची है।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट मॉडरेशन की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। रिपोर्ट किए जाने के बावजूद कई आपत्तिजनक वीडियो लंबे समय तक बने रहते हैं। विशेषज्ञ इसका कारण तेज़ी से बढ़ती डिजिटल भीड़, कमजोर निगरानी और कंटेंट क्रिएटर्स की बढ़ती गैर-जिम्मेदारी को बताते हैं।
समाजशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकार की सामग्री पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में समाज के व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें। साथ ही सरकार और प्लेटफॉर्म्स से मांग की गई है कि अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

