
मुला–मुठा नदी के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे,महाराष्ट्र
दिनांक:31 जनवरी 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार देश की नदियों की स्वच्छता को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। इसी क्रम में पुणे की जीवनरेखा मानी जाने वाली मुला–मुठा नदी के प्रदूषण की समस्या को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे। भविष्य में ‘नमामि गंगे’ की तर्ज पर ‘नमामि मुला–मुठा’ योजना तैयार कर नदी सुधार परियोजना लागू की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने दी।
वे पुणे स्थित एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत महाराष्ट्र नौदल शिक्षा एवं प्रशिक्षण अकादमी (MANET) के रजत जयंती समारोह से पूर्व आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष एवं प्रभारी कुलपति प्रो. डॉ. मंगेश कराड, प्रोवोस्ट साइली गणकर, कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि बिना उपचार के छोड़ा जा रहा सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और नदी में फेंका जा रहा कचरा मुला–मुठा नदी के प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। इससे पुणे शहर की भूजल स्तर, कृषि और नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति को और गंभीर होने से रोकने के लिए केंद्र सरकार समग्र नदी सुधार परियोजना लागू करेगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी, अवैध सीवेज कनेक्शन हटाए जाएंगे तथा औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी और नदी तटवर्ती क्षेत्रों में कचरा न फेंका जाए, इसके लिए स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
चौधरी ने कहा कि मुला–मुठा नदी केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत है। इसके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं की भागीदारी से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
“स्वच्छ नदी, सुरक्षित भविष्य” की अवधारणा के साथ केंद्र सरकार मुला–मुठा नदी को फिर से स्वच्छ और प्रवाही बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।:
“एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय और प्रशासन ने हमेशा मुला–मुठा नदी में बढ़ते प्रदूषण और नदी में फेंके जा रहे कचरे जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा राज्य, केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन से लगातार पत्राचार किया गया है। मुला–मुठा पुणे की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण व स्वच्छता के लिए प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है।”


