
कैपेक्स बढ़ोतरी और वित्तीय अनुशासन पर केंद्रित बजट : प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
दिनांक 1 फरवरी 2026
केंद्र सरकार के आम बजट में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय घाटा कम करने और कर्ज-जीडीपी अनुपात को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। यह बजट आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन साधने वाला है। यह प्रतिक्रिया राज्यसभा सांसद प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने रविवार को दी।
प्रो. डॉ. कुलकर्णी ने कहा कि इस बजट का उद्देश्य देश की आर्थिक उत्पादन क्षमता बढ़ाना, आधारभूत ढांचे को सशक्त करना और विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित विकास के साथ समावेशी प्रगति पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कृषि, मत्स्य पालन, दुग्ध व्यवसाय और उनसे जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं के विकास और सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। डॉ. कुलकर्णी के अनुसार, यह बजट युवाओं की क्षमता को विकसित करने वाला और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला है।
प्रो. डॉ. कुलकर्णी ने बताया कि रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण, अंतर्देशीय जल परिवहन, रेयर अर्थ मैटेरियल कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर उद्योग, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बायोफार्मा परियोजनाएं और डेटा सेंटर हब्स इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं। इनसे देश की दीर्घकालिक आर्थिक बुनियाद और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन को लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच यह बजट नीतिगत निरंतरता और स्थिर आर्थिक नेतृत्व का प्रतीक है।

