
सुदिति ग्लोबल एकेडमी में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित
रिपोर्ट : विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश में
इटावा,साइबर सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इटावा पुलिस द्वारा सुदिति ग्लोबल इंटर कॉलेज में “साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन की वर्चुअल उपस्थिति एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर रेंज हरीश चन्दर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों तथा उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की प्राथमिकताओं के अनुरूप साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टण्डन द्वारा साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, उनकी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी रोकथाम उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश रजत कुमार जैन, जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान साइबर विशेषज्ञ द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, ओटीपी ठगी, सुरक्षित पासवर्ड प्रबंधन, सोशल इंजीनियरिंग एवं डिजिटल भुगतान से संबंधित साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। लाइव डेमो के माध्यम से UPI फ्रॉड, फेक कॉल, एसएमएस स्कैम एवं फिशिंग ईमेल के जरिए होने वाली ठगी से बचाव के उपाय बताए गए। प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के “3S फॉर्मूला – Stop, Scan, Share Wisely” को अपनाने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चन्दर द्वारा साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टण्डन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया गया कि विगत वर्ष इटावा पुलिस द्वारा 44 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा ₹1,97,10,556 की धनराशि बरामद की गई। साथ ही ₹2,02,27,784 की धनराशि लीन कराते हुए अपराध में प्रयुक्त 2412 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को भी ब्लॉक कराया गया।

इटावा पुलिस द्वारा नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने हेतु इस प्रकार की कार्यशालाएँ आगे भी आयोजित की जाती रहेंगी।

