
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभागीय विकास एवं समन्वय समिति की बैठक संपन्न
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी, बिहार
जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में सोमवार को परिचर्चा भवन में विभागीय विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा पी०पी०टी० के माध्यम से संचालित योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष की समाप्ति को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी से किसान पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई तथा अनुमंडल कृषि भवन निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जिले के पशुपालकों एवं मत्स्यपालकों को के०सी०सी० (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए एलडीएम, जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया।
भवन निर्माण विभाग द्वारा नए सर्किट हाउस के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य में तेजी लाने एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संभावित पेयजल संकट से निपटने हेतु लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नए वार्डों में लंबित नल-जल योजनाओं को शीघ्र चालू करने तथा पीएचईडी एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत संचालित जलापूर्ति योजनाओं के नियमित रख-रखाव एवं मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जलापूर्ति योजनाओं का संचालन निरंतर एवं सुचारु रूप से किया जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी सक्रियता, सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंचायती राज विभाग की समीक्षा के क्रम में उन्होंने निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों के कार्य को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में उद्योग विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग तथा शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
सात निश्चय योजना के अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए मिशन मोड में कार्य करने एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त “हर घर नल का जल” योजना के सुचारु संचालन तथा ग्रामीण एवं शहरी स्वच्छता से जुड़े कार्यों में प्रगति लाने के लिए निरंतर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान सात निश्चय-3 के अंतर्गत दोगुना रोजगार-दोगुनी आय, समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार, कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि, उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य, सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन, मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार तथा सबका सम्मान-जीवन आसान जैसे संकल्पों के तहत प्रस्तावित कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री संदीप कुमार, निदेशक डीआरडीए श्री राजेश भूषण, डीपीओ आईसीडीएस निशिकांत, जिला पशुपालन पदाधिकारी, श्री प्रेम शंकर झा, जिला शिक्षा पदाधिकारी। श्री राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, वरीय उप समाहर्ता यूनुस अंसारी, मो० इस्लाम के साथ संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता सहित जिले के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

