
राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के कलेक्टर के निर्देश
राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक में विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गत 6 माह से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदारों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रकरणों का जवाब गुणवत्तापूर्ण और समय पर भेजा जाए। साथ ही न्यायालीन प्रकरणों में विभाग का पक्ष मजबूती से रखने के लिए ‘जवाब दावा’ समय पर प्रस्तुत करने की हिदायत दी गई।
बैठक में कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दो से पांच वर्षों से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े प्रकरणों का समय पर निराकरण होने से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। कलेक्टर ने बटवारा, नामांकन एवं सीमांकन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन प्रकरणों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण किया जाए। बैठक में भूमि आवंटन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि विभिन्न सरकारी विभागों और कार्यालयों के लिए लंबित भूमि आवंटन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।
बैठक में लंबित सीएम मॉनिटरिंग के प्रकरणों, फार्मर रजिस्ट्री, राजस्व वसूली की प्रगति तथा स्वामित्व योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा स्वामित्व योजना के कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत समय-सीमा से बाहर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करे। बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन तथा गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने केंद्र निर्धारण और किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के निर्देश दिए। साथ ही। फार्मर रजिस्ट्री और सभी प्रकार की ई-केवाईसी के कार्य को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिये ताकि कोई भी पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

