रीवाप्रशासनमध्य प्रदेश

गर्मियों में पेयजल आपूर्ति नियमित रखने के लिए उचित प्रबंध करें – कमिश्नर

गर्मियों में पेयजल आपूर्ति नियमित रखने के लिए उचित प्रबंध करें – कमिश्नर

जल संरक्षण हम सबकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है – कमिश्नर

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश

रीवा . कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन हम सबकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। जलगंगा संवर्धन अभियान में सभी अधिकारी बढ़चढ़ कर योगदान दें। शासन के निर्देशों के अनुरूप नदियों के उद्गम स्थलों की सफाई, पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार तथा गत अभियान के अधूरे जल संरक्षण के कार्यों को पूरा कराने पर विशेष जोर दें। जल संरक्षण के संबंध में किए जा रहे प्रयासों का फोटो सहित विवरण जनसम्पर्क कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराकर प्रचार-प्रसार कराएं। ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, नगरीय निकाय तथा उच्च शिक्षा विभाग मिलकर जल संरक्षण के संबंध में जागरूकता अभियान चलाएं।

कमिश्नर ने कहा कि अधीक्षण यंत्री पीएचई गर्मियों में संभाग के हर बसाहट में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध करें। हैण्डपंपों के सुधार के लिए सभी विकासखण्डों में तत्काल कंट्रोल रूम शुरू करें। राइजर पाइप, वाहन तथा अन्य संसाधनों के साथ हैण्डपंप सुधार के लिए टीम तैनात करें। पेयजल के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर तत्परता से और संवेदनशीलता से कार्यवाही करें। जल गंगा संवर्धन अभियान में पीएचई और जल निगम के अधिकारी नलजल योजनाओं के स्त्रोत तथा हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट बनाने का अभियान चलाएं। एकल नलजल योजनाओं का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा कराकर इसे ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर करें। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पेयजल की नियमित आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

कमिश्नर ने कहा कि सात अप्रैल से निर्धारित खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेंहू का उपार्जन शुरू होगा। सभी खरीदी केन्द्रों में एक अप्रैल तक पर्याप्त संख्या में बारदाने उपलब्ध कराएं। खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए छाया, पानी, शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित करें। पंजीकृत किसानों के रकबे का दो दिवस में शत-प्रतिशत सत्यापन कराएं। उपार्जित गेंहू के भण्डारण के लिए भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों में सिंगरौली को छोड़कर शेष जिलों की ग्रेडिंग बी रहने पर नाराजगी व्यक्त की। कमिश्नर ने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं। प्रकरणों के नॉन अटेंडेड रहने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही करें। सीएम हेल्पलाइन में 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष प्रयास करें। कमिश्नर ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान में शेष बचे आवेदन पत्रों का तीन दिवस में निराकरण कराएं। रीवा तथा सिंगरौली जिलों में आवेदन पत्रों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र दर्ज कराएं।

कमिश्नर ने कहा कि ई आफिस में रीवा संभाग प्रदेश में संभागों की रैंकिंग में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। सभी अधिकारी संभाग के जिलों की रैंकिंग में सुधार पर भी ध्यान दें। कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं पर कार्यवाही करके प्रतिवेदन ऑनलाइन दर्ज करें। सभी अधिकारी प्रत्येक बुधवार क्षेत्र का भ्रमण करके विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की मानीटरिंग करें। भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र उचित मूल्य दुकानों तथा अस्पतालों का निरीक्षण करके सामान्य जानकारी लें। अधिकारी 31 मार्च तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण तत्काल पेंशन कार्यालय में प्रस्तुत कर दें। बैठक में संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त एलएल अहिरवार, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह, उप संचालक मछलीपालन डॉ. अंजना सिंह, सहायक संचालक कृषि प्रीति द्विवेदी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. आरपी सिंह, एसडीओ वन हेमेन्द्र खण्डेलवाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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