‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ पर कार्यशाला का आयोजन
पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे की अध्यक्षता में होगा कार्यक्रम
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पशुपालन क्षेत्र को आधुनिकता से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ लागू की जा रही है। दिनांक 9 मार्च 2026 के शासन निर्णय के अनुसार संशोधित इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 10 अप्रैल 2026 को पशुसंवर्धन आयुक्तालय में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
इस कार्यशाला में पशुसंवर्धन विभाग के जिला एवं प्रादेशिक स्तर के अधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पशुसंवर्धन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे करेंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में सचिव (पदुम) डॉ. रामास्वामी एन. (भा.प्र.से.) तथा आयुक्त पशुसंवर्धन डॉ. किरण पाटील की विशेष उपस्थिति रहेगी। यह कार्यशाला पशुसंवर्धन आयुक्तालय के कामधेनू सभागार में प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित की जाएगी।
‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ ग्रामीण महाराष्ट्र के पशुपालकों के लिए आर्थिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध होगी। इस योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को पारंपरिक पशुपालन के साथ-साथ उसे एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध व्यवसाय, कुक्कुट पालन तथा बकरी-भेड़ पालन के लिए तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर सृजित करने पर विभाग विशेष ध्यान दे रहा है। इस पहल से राज्य के ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
इस संबंध में आयुक्त पशुसंवर्धन डॉ. किरण पाटील ने कहा कि यह योजना ग्रामीण महाराष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी।



