ज्ञान भारतम पांडुलिपि अभियान में होगा पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: रीवा,मध्य प्रदेश
रीवा . भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा “ज्ञान भारतम पांडुलिपि मिशन” के अंतर्गत मध्य प्रदेश में पांडुलिपि सर्वेक्षण के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस मिशन की घोषणा एक फरवरी 2025 के केंद्रीय बजट में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की हस्तलिखित विरासत का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण और डिजिटलीकरण करना है। इस संबंध में मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और भारत सरकार के बीच 19 दिसम्बर 2025 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। यह विशेष अभियान 16 मार्च से जारी है और 15 जून तक संचालित किया जाएगा। इस संबंध में आयुक्त मदन कुमार ने कलेक्टर्स को पत्र जारी किए हैं।
अभियान के संबंध में जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें एसडीएम को समन्वयक और जिला नोडल अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। समिति में जिला पंचायत सीईओ, विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय तथा पुरातत्व विभाग के एक-एक प्रतिनिधि को सदस्य बनाया जाएगा। समिति मंदिरों, मठों, आश्रमों, निजी संग्रहों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संरक्षित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज कर “ज्ञान भारतम” ऐप के माध्यम से जानकारी अपलोड करेगी। अभियान की सफलता के लिए पांडुलिपि धारकों के साथ संवाद स्थापित करने और विश्वविद्यालयों के छात्र-शोधार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ।
इस मिशन के सुचारू संचालन के लिए डॉ. मनीषा शर्मा को मिशन हेड नियुक्त किया गया है और जिला स्तर पर विभाग का एक प्रतिनिधि भी तैनात किया गया है। चूंकि भारत सरकार द्वारा इस मिशन की प्रतिदिन समीक्षा की जाती है, इसलिए जिला स्तरीय समिति को प्रत्येक 15 दिवस में अभियान की प्रगति की समीक्षा कर संचालनालय पुरातत्व को अवगत कराना होगा।