
सीतामढ़ी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर, जिला पदाधिकारी ने दिए अहम निर्देश
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: सीतामढ़ी,बिहार
जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन, सीतामढ़ी में स्वास्थ्य विभाग की एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना तथा आगामी अभियानों की तैयारियों को अंतिम रूप देना था।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, DPRO कमल सिंह, विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम एवं सहयोगी संस्थाओं पीरामल फाउंडेशन, वाधवानी AI के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान प्रसव पूर्व जांच (ANC), संस्थागत प्रसव, लिंगानुपात, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA), एनीमिया मुक्त अभियान, टीकाकरण तथा चमकी बुखार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने मार्च माह में जिले का लिंगानुपात 927 रहने तथा वर्ष 2025-26 में संस्थागत प्रसव दर 57 प्रतिशत तक पहुंचने पर संतोष व्यक्त किया और इसे आगे और बेहतर करने पर जोर दिया।
जिला पदाधिकारी ने परिहार, बोखड़ा और बैरगनिया प्रखंडों में स्वास्थ्य सूचकों के निराशाजनक प्रदर्शन पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। विशेषकर बैरगनिया एवं परिहार के लचर प्रदर्शन पर उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जिलास्तरीय टीम के द्वारा उनके कार्यों की जांच कराई जाय। स्पष्ट निर्देश दिया कि उक्त दोनों प्रखंडों में स्वास्थ्य के सभी सूचकांकों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य संस्कृति में सुधार लाएं ।यदि प्रदर्शन में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो विधिसम्मत सख्त
न कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एम्बुलेंस सेवा की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिला पदाधिकारी ने एम्बुलेंस की उपलब्धता, रिस्पॉन्स टाइम और सेवा गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर सहायता मिल सके। साथ ही, ‘भव्या’ पोर्टल के प्रभावी उपयोग और सभी जांच सेवाओं में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, अल्ट्रासाउंड जांच की नियमित निगरानी के माध्यम से लिंगानुपात में सुधार लाने तथा अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही जागरूकता अभियान को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) पर जन आरोग्य समिति (JAS) का गठन सुनिश्चित करने एवं उनका बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में समुदाय की भागीदारी बढ़ सके।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


