
समावेशी कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वैश्विक नेताओं का आह्वान
पुणे में ‘जेंडर इन्क्लूजन एवं स्किल डेवलपमेंट’ विषय पर एशिया की पहली यूनेस्को चेयर का उद्घाटन
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
भारत के कौशल और शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (SSPU), पुणे में ‘जेंडर इन्क्लूजन एवं स्किल डेवलपमेंट’ विषय पर एशिया की पहली यूनेस्को चेयर का उद्घाटन किया गया।
इस चेयर का उद्घाटन केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस पहल के माध्यम से समावेशी, भविष्य उन्मुख और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कौशल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के भारत के संकल्प को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे तथा भारत में नॉर्वे की राजदूत मोनिका नागेलगॉर्ड विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस यूनेस्को चेयर का नेतृत्व SSPU की प्रो-चांसलर डॉ. स्वाती मुजुमदार कर रही हैं। कौशल विकास क्षेत्र में उनकी दूरदर्शिता के कारण इस पहल को विशेष दिशा प्राप्त हुई है। SSPU ने उद्योग से जुड़े कौशल प्रशिक्षण का एक अभिनव मॉडल विकसित किया है, जिसके माध्यम से वंचित वर्ग के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
इस पहल के अंतर्गत रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण एवं रक्षा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में लगभग 10,000 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे उन्हें आकर्षक रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

वर्तमान में SSPU में मेकाट्रॉनिक्स, स्मार्ट एवं सतत ऊर्जा, डेटा साइंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा मशीन लर्निंग (ML) जैसे उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में 21 स्नातक, 9 स्नातकोत्तर और पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त आर्किटेक्चर, डिजिटल मार्केटिंग, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, रिटेल एवं पोषण विज्ञान जैसे पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं।
उल्लेखनीय है कि SSPU ने वर्ष 2024 और 2025 की NIRF रैंकिंग में ‘स्किल यूनिवर्सिटी’ श्रेणी में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने SSPU के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, “इस प्रकार की पहल देश में कौशल अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
वहीं आदिती तटकरे ने वंचित महिलाओं तक कौशल प्रशिक्षण पहुंचाने के महत्व पर बल देते हुए कहा कि, “इससे महिलाओं में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।”
‘Women Leading the Future of Work’ शीर्षक से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वैश्विक संस्थाओं, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा शिक्षाविदों ने भाग लिया। सम्मेलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा भविष्य के रोजगार अवसरों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान शोध रिपोर्ट का विमोचन, ‘कुशल साथी’ पहल का शुभारंभ तथा WorldSkills और IndiaSkills विजेताओं का सम्मान भी किया गया। सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी दर्ज की।
उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से SSPU ने जैबिल तथा लार्सन एंड टुब्रो जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) भी किए हैं।


