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शाला जाने योग्य हर बच्चे का शाला में प्रवेश कराएं – मुख्य सचिव

स्वास्थ्य सेवाओं की कलेक्टर्स संवेदनशीलता से मॉनीटरिंग करें - मुख्य सचिव

शाला जाने योग्य हर बच्चे का शाला में प्रवेश कराएं – मुख्य सचिव

स्वास्थ्य सेवाओं की कलेक्टर्स संवेदनशीलता से मॉनीटरिंग करें – मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को दिए निर्देश

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:मऊगंज मध्यप्रदेश 

मऊगंज . मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए कलेक्टर्स तत्परता से प्रयास करें। शाला जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का शाला में प्रवेश सुनिश्चित करें। ऐप के माध्यम से प्रदेश में 6 साल की आयु पूरा करने वाले 10.45 लाख बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इनका शाला में प्रवेश कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रों तथा स्कूलों के कोलोकेशन में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करें। आंगनवाड़ी केन्द्र भवन के लिए जमीन बस्ती के आसपास चिन्हित करें। आवश्यक होने पर कलेक्टर मद परिवर्तन करके स्कूल और आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की कलेक्टर संवेदनशीलता से मानीटरिंग करें। माह में कम से कम दो बार समीक्षा बैठक आयोजित कर मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण की समीक्षा करें। गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, अति कुपोषित बच्चों के एनआरसी में भर्ती, सीवियर एनिमिक गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा की समीक्षा करें। कलेक्टर्स अस्पतालों तथा दवा स्टोर का निरीक्षण करें। विकासखण्ड स्तर तक बैठक आयोजित कर स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को सचेत करें। सबके सहयोग से ही स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर होंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत पाण्डुलिपियों का सर्वे करके उन्हें संरक्षित कराएं। सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। इसमें सौ दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करें। लोक सेवा गारंटी योजना में चिन्हित सेवाएं तय समय सीमा में दें। समय सीमा का पालन न करने वालों पर कार्यवाही करें। स्वामित्व योजना के प्रकरण केवल कुछ जिलों में ही शेष हैं। इनका 15 दिवस में निराकरण कराएं। सभी कलेक्टर्स स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा करें। श्रम विभाग की संबल योजना तथा मानधन योजना के लिए पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि गेंहू उपार्जन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश का कोटा बढ़ा दिया गया है। सभी खरीदी केन्द्रों में उपार्जन के लिए बारदाने, तौलकांटे तथा अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। अब किसान 23 मई तक उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। प्रत्येक खरीदी केन्द्र में तैनात नोडल अधिकारी के माध्यम से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। वृंदावन ग्राम योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए अन्य योजनाओं के साथ कन्वर्जेंस कराएं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी करें। पूर्ण एकल नलजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कराकर इनका नियमित संचालन कराएं।

बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक एवं दुर्घटना रोकने के अलग-अलग प्रयासों के कारण प्रदेश में सड़क दुर्घटना एवं इससे होने वाली मौतों में कमी आई है। राहवीर योजना, प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना तथा ई डॉर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करें। नशामुक्त भारत अभियान के तहत लगातार कार्यवाहियाँ की जा रही हैं। जनवरी से अप्रैल माह तक नशे के अवैध व्यापार के 818 प्रकरण दर्ज कर 120 करोड़ रुपए के मादक पदार्थों की जब्ती की गई है। इसकी मानीटरिंग के लिए एनकोर समिति की हर माह बैठक करें। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जनमन योजना, निक्षय भारत अभियान, पंचायतों की आय के स्रोत बढ़ाने, वनाधिकार अधिनियम के तहत सामूहिक दावों के निराकरण, मिशन अंकुर, जल गंगा संवर्धन अभियान तथा धरती आबा अभियान की समीक्षा की गई। कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, अपर कलेक्टर पीके पाण्डेय तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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