
विद्युत विभाग एवं पीएचईडी की कार्यों की समीक्षा के साथ जिले में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर जिला आपूर्ति विभाग,सभी एम ओ ,सभी गैस एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पांडे की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन में विद्युत विभाग एवं पीएचईडी की कार्यों की समीक्षा के साथ जिले में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर जिला आपूर्ति विभाग,सभी एम ओ ,सभी गैस एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई।
जिले में एलपीजी की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी एजेंसी के प्रतिनिधियों को चेताया कि कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित पर प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है।जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में एलपीजी की कृत्रिम कमी उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं वितरकों को निर्देश दिया कि बैकलॉग को शीघ्र समाप्त करें तथा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बैक लॉग में कमी आई है। डीएम ने कहा कि विशेष रूप से होम डिलीवरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी मार्केटिंग ऑफिसर को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चलाएं तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पूरी व्यवस्था की सतत मॉनिटरिंग करते हुए नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने या वितरण में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सभी एलपीजी वितरकों के प्रतिनिधि एवं तेल कंपनियों के पदाधिकारी उपस्थित थे, जिन्हें निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों के 14.2 किलो का 21204 सिलेंडर उपलब्ध है जबकि डेली एवरेज आवश्यकता 13500 ही है जबकि 19 किलो सिलेंडर की संख्या 616 है। बैठक में आइओसीएल बीपीसीएल एवं एचपीसीएल के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
(बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुफ्त योजना की भी समीक्षा की गई।)
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा स्थिति पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए बैंक एवं विद्युत विभाग के पदाधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए—
बैंकों को निर्देश दिया गया कि पीएम सूर्य घर बिजली योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की अनावश्यक विलंब या उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी।
सभी बैंक शाखाएं इस योजना को प्राथमिकता देते हुए लोन स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाएं तथा लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करें।
विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक लोगों को योजना के प्रति जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाएं तथा इच्छुक लाभुकों के आवेदन कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
विद्युत विभाग एवं बैंक आपसी समन्वय स्थापित कर कैम्प/विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
सभी संबंधित विभाग प्रखंड स्तर तक लक्ष्य निर्धारित कर नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रगति प्रतिवेदन जिला स्तर पर उपलब्ध कराएं।
स्पष्ट निर्देश दिया गया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने से जुड़ी है, अतः सभी संबंधित विभाग समन्वित प्रयास करते हुए इसे मिशन मोड में लागू करें।
(पीएचईडी की समीक्षा )
बढ़ती गर्मी और बढ़ रहे तापमान को देखते हुए संभावित जल संकट की आशंका के मद्देनज़र पीएचईडी विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान प्रखंड एवं वार्ड स्तर पर चल रही योजनाओं की प्रगति का गहन आकलन किया गया।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी छूटे हुए टोलों में पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में आमजन को जल संकट का सामना न करना पड़े। आवश्यकतानुसार कार्यकारी एजेंसियों को अतिरिक्त टीमें लगाकर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक प्रखंड में कार्यरत टीमों की संख्या एवं उनकी प्रगति से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
विशेष रूप से पूर्व से जल संकट से प्रभावित प्रखंडों पर अतिरिक्त फोकस रखते हुए वहां योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार, एडीएम आपदा प्रबंधन बृज किशोर पांडे, डीपीआरओ कमल सिंह, विद्युत कार्यपालक अभियंता ,पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, सभी मार्केटिंग अफसर, सभी जूनियर इंजीनियर पीएचईडी,सभी जूनियर इंजीनियर विद्युत विभाग, सभी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



