पूणेमहाराष्ट्रराजनीति

“मां के आंचल से ही कार्यकर्ता को समाजसेवा की शक्ति मिलती है”

विधायक हेमंत रासने सहित मान्यवरों ने किया मातृशक्ति का सम्मान

“मां के आंचल से ही कार्यकर्ता को समाजसेवा की शक्ति मिलती है”

 

विधायक हेमंत रासने सहित मान्यवरों ने किया मातृशक्ति का सम्मान

 

जय गणेश व्यासपीठ की ओर से ‘विघ्नहर्ता कार्यकर्ता मातृगौरव सम्मान समारोह’ आयोजित

 

पुणे। विश्व मातृ दिवस के अवसर पर जय गणेश व्यासपीठ की ओर से आयोजित ‘विघ्नहर्ता कार्यकर्ता मातृगौरव सम्मान समारोह’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के माध्यम से समाजसेवा करने वाले कार्यकर्ताओं की माताओं का विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक हेमंत रासने ने कहा कि समाज के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को उनकी माताएं ही मजबूत आधार और प्रेरणा देती हैं। मां अपने बेटे को ममता के आंचल में लेकर समाजसेवा के लिए आगे बढ़ने की शक्ति देती है, इसलिए कार्यकर्ता पूरे समाज तक सेवा और स्नेह का विस्तार कर पाता है।

 

समारोह में विधायक हेमंत रासने, राष्ट्रीय कीर्तनकार चारुदत्त आफळे तथा संत साहित्यकार डॉ. आरती दातार के हस्ते माताओं को प्रसाद, सम्मान पत्र, महावस्त्र एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में युवराज निंबाळकर, उदय जगताप, शिरीष मोहिते, विवेक खटावकर तथा राजा कदम सहित अनेक मान्यवर उपस्थित रहे।

 

इस अवसर पर विधायक रासने ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत समाज को संगठित करने के उद्देश्य से की थी। आज गणेशोत्सव मंडल समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा और जनजागरण का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता समाज का मजबूत स्तंभ होता है और उसके पीछे उसकी मां का त्याग, संस्कार और सहयोग सबसे बड़ी शक्ति होती है। ऐसी माताएं वास्तव में सम्मान और गौरव की पात्र हैं।

 

राष्ट्रीय कीर्तनकार चारुदत्त आफळे ने कहा कि समाज और राष्ट्र का भविष्य संस्कारित नई पीढ़ी पर निर्भर करता है। अच्छे संस्कार देने वाली माताएं समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं डॉ. आरती दातार ने कहा कि मातृत्व स्त्री का सबसे बड़ा आभूषण है और जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज प्रगति करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए मातृभक्ति को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

 

कार्यक्रम में चंद्रभागा पांडुरंग पळसकर, विद्या विद्याधर जाधव, मंजिरी सुभाष भगत, संगीता मारुती दिघे, शारदा संजय हराळे, सुरेखा भगवान जाधव, गायत्री सूर्यकुमार निरगुडकर, लक्ष्मी प्रल्हाद ढेकळे, नलिनी रतन सपकाळ, अनिता चंद्रकांत पोटे, सुलभा दत्तात्रय आदमुलवार, दिपाली राजेश भुजबळ, सुमन अरुण पायगुडे तथा पुष्पावती निंबाळकर सहित अनेक माताओं का सम्मान किया गया।

 

कार्यक्रम का प्रस्तावना पियूष शहा ने प्रस्तुत किया। समीक्षा मुकादम ने गणेश वंदना प्रस्तुत की, जबकि जागृती यंदे ने मां पर भावपूर्ण कविता सुनाकर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का संचालन आशीष जराड ने किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button