मऊगंज जिले में रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध,
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . मऊगंज जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से कलेक्टर संजय कुमार जैन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले में डीजे, लाउडस्पीकर एवं सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। यह आदेश 18 मई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार अब मऊगंज जिले में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे सिस्टम, लाउडस्पीकर अथवा तेज संगीत का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अनुमति से ही किया जा सकेगा, जिसकी समय सीमा अधिकतम 2 घंटे निर्धारित की गई है।
कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी डीजे संचालकों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को नियमानुसार लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। किसी भी डीजे यूनिट में निर्धारित मानकों के अनुसार केवल एक ही साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियम 2000 तथा मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों का पालन अनिवार्य रहेगा। आदेश में बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन अनशन पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट खबरों को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे माध्यमों पर कोई भी व्यक्ति भ्रामक पोस्ट, वीडियो या रील्स अपलोड अथवा वायरल नहीं करेगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन, होटल-लॉज संचालकों, मोबाइल सिम विक्रेताओं, कियोस्क संचालकों, मकान मालिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। किरायेदारों, कर्मचारियों और ठहरने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-223, भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से कराया जा रहा है।


