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उद्योगों की समस्याओं का हो त्वरित समाधान, युवाओं को योजनाओं से जोड़ें : डीएम

उद्योगों की समस्याओं का हो त्वरित समाधान, युवाओं को योजनाओं से जोड़ें : डीएम

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा, । जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं, उनके समाधान एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।

 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वर्तमान में संचालित औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए तथा उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

 

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत जनपद में 2200 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत बैंकों को 500 आवेदन भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 205 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। वहीं “एक जनपद एक उत्पाद” योजना के तहत 42 आवेदन का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 5 आवेदन भेजे गए हैं तथा 1 आवेदन स्वीकृत हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन संख्या बढ़ाने और अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के बुनकरों को बिजली बिल में सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस संबंध में उद्योग विभाग एवं बिजली विभाग को संयुक्त रूप से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिल सके तथा अपात्रों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

 

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा भुर्जी समाज के इच्छुक लोगों को निःशुल्क पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक व्यक्ति विभाग से संपर्क कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

 

इसके अतिरिक्त माटीकला योजना के अंतर्गत मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़, मूर्तियां एवं अन्य सजावटी सामान बनाने के कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के तहत परियोजनाओं पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि चाक वितरण का लक्ष्य 30 निर्धारित किया गया है, जिन्हें पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

 

बैठक में राज्य की नई उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022 की भी जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत होटल, ढाबा एवं गेस्ट हाउस जैसे पर्यटन आधारित निवेशों पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 2 करोड़ रुपये तथा 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 40 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।

 

बैठक में पर्यटन अधिकारी मोहित मनोहर सिंह, एआरटीओ प्रदीप देशमणि, उपायुक्त उद्योग सहित कई उद्योगपति उपस्थित रहे।

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