
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सीतामढ़ी में 8,300 गर्भवतियों की जांच, 810 उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी,। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत सीतामढ़ी जिले में मंगलवार को विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान जिलेभर में 8,300 से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच की गई, जबकि लगभग 810 उच्च जोखिम गर्भधारण (एचआरपी) वाली महिलाओं की पहचान कर उनके विशेष चिकित्सीय प्रबंधन एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के निर्देशानुसार जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों, जिनमें सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं, में अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
अभियान के तहत दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों पर बुलाकर रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, यूरिन एल्ब्यूमिन, रक्त समूह एवं मधुमेह सहित विभिन्न आवश्यक जांचें की गईं। जांच के बाद महिलाओं को आवश्यक दवाएं, पोषण संबंधी परामर्श तथा सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। साथ ही उच्च जोखिम गर्भधारण की पहचान कर उनके समयबद्ध उपचार और निगरानी की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरा में सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अक्षय कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक असित रंजन, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार, जिला योजना समन्वयक दिनेश कुमार तथा प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अनुपमा सिंह की उपस्थिति में हुई।
वहीं सदर अस्पताल सीतामढ़ी में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार तथा [पीरामल फाउंडेशन](https://www.piramalfoundation.org?utm_source=chatgpt.com) के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार एवं कार्यक्रम लीड रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से अभियान का उद्घाटन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरसंड में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर. के. सिंह, बीएचएम मोहम्मद सदरूदीन, बीसीएम कृष्णनंदन तथा पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चिन्हित सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं को कम किया जा सके।
सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से नियमित जांच कराने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

