
इटावा में 30 हजार की रिश्वत का ट्रैप, सप्लाई इंस्पेक्टर समेत तीन गिरफ्तार
राशन डीलर की शिकायत पर कानपुर एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई, जिला पूर्ति कार्यालय में मचा हड़कंप
रिपोर्ट: शिवराज सिंह राजपूत
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच गुरुवार को इटावा के जिला पूर्ति कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब कानपुर की एंटी करप्शन टीम ने कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते सप्लाई इंस्पेक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों में बसरेहर के सप्लाई इंस्पेक्टर योगेश वर्मा तथा पीओएस मशीन से जुड़े निजी कर्मचारी पुष्पेंद्र और धर्म नारायण बताए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक चौबिया थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी राशन डीलर ओम शरण ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत कानपुर एंटी करप्शन टीम से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार को शिकायतकर्ता को 30 हजार रुपये की रकम के साथ जिला पूर्ति कार्यालय भेजा गया। आरोप है कि जैसे ही रकम का लेनदेन हुआ, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम तीनों को अपने साथ सिविल लाइन थाने ले गई। वहां आवश्यक पूछताछ और लिखापढ़ी के बाद उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कानपुर ले जाने की जानकारी सामने आई है।
किस काम के लिए मांगी गई थी रकम?
एंटी करप्शन टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर मांगी गई 30 हजार रुपये की रकम किस काम के एवज में थी और इस पूरे प्रकरण में पकड़े गए दोनों निजी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। कार्रवाई के बाद जिला पूर्ति कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी और आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता; अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद अब जांच की दिशा और सामने आने वाले तथ्यों पर निगाहें टिकी हैं।



