
राज ठाकरे पर भीम आर्मी का अल्टीमेटम! 2 दिन में माफी नहीं तो शिवाजी पार्क में आंदोलन—क्या आमने-सामने आएंगे राज ठाकरे और भीम आर्मी?
साहिल वाकोडे मामले में टिप्पणी पर विवाद, नहीं माने तो शिवाजी पार्क में आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक टकराव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। साहिल के परिवार की ओर से लगाए गए जातिगत दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणी पर भीम आर्मी महाराष्ट्र ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने राज ठाकरे से दो दिन के भीतर माफी मांगने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर शिवाजी पार्क स्थित मनसे कार्यालय के बाहर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
राज ठाकरे ने साहिल वाकोडे की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों पर बढ़ते दबाव और तनाव को गंभीर मुद्दा बताया था। उन्होंने छात्रों से जाति-पाति की राजनीति से दूर रहने की अपील की थी। ठाकरे का कहना था कि जाति और धर्म के मुद्दों में उलझने के बजाय शिक्षा व्यवस्था की कमियों पर चर्चा होनी चाहिए।
राज ठाकरे के इसी बयान को लेकर भीम आर्मी महाराष्ट्र ने आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि साहिल के परिवार ने जातिगत उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले जातिगत उत्पीड़न के आरोपों को खारिज करना उचित नहीं है।
भीम आर्मी ने कहा है कि शैक्षणिक तनाव और जातिगत भेदभाव दो अलग-अलग पहलू हैं और दोनों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। संगठन ने राज ठाकरे से अपनी टिप्पणी पर पुनर्विचार करने तथा साहिल वाकोडे के परिवार से माफी मांगने की मांग की है।
क्या शिवाजी पार्क बनेगा अगला सियासी अखाड़ा?
भीम आर्मी की चेतावनी के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह विवाद बयानबाजी तक सीमित रहेगा या शिवाजी पार्क में राज ठाकरे और भीम आर्मी आमने-सामने होंगे। संगठन ने साफ तौर पर आंदोलन की चेतावनी दी है, हालांकि आगे की स्थिति उसके अगले कदम और प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
साहिल की मौत की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र 22 वर्षीय साहिल वाकोडे को 18 सितंबर की शाम पवई परिसर स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। घटना से पहले मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर साहिल को पकड़े जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि वह परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहा था।
साहिल के माता-पिता ने अपने बेटे के साथ जातिगत दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
फिलहाल साहिल वाकोडे की मौत के वास्तविक कारणों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
राज ठाकरे की टिप्पणी के बाद भीम आर्मी की चेतावनी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब देखना यह है कि दो दिन बाद शिवाजी पार्क में सिर्फ विरोध के नारे गूंजते हैं या राज ठाकरे और भीम आर्मी के बीच टकराव की स्थिति बनती है।


