
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा -केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया जी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया जी ने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लगातार लोगों के बीच संपर्क के दौरान यह जानकारी प्राप्त हो रही है कि कैंसर, हृदय रोग सहित अनेक गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है। इन बीमारियों का एक प्रमुख कारण कृषि में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग भी माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक परीक्षण टीम द्वारा किए गए सर्वेक्षण में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की बढ़ती प्रवृत्ति सामने आई, जो समाज के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा मोटे अनाजों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे मोटे अनाजों के बीजों का अधिकाधिक प्रयोग कर उत्पादन बढ़ाना चाहिए। साथ ही मक्का की देशी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रजातियों के उत्पादन पर भी बल दिया।
सदर विधायक जी ने कहा कि भूमि का परीक्षण कर उसकी आवश्यकता के अनुसार जैविक उर्वरकों का प्रयोग किया जाना चाहिए। प्रदेश की विभिन्न गौशालाओं में गोबर एवं गोमूत्र से जैविक खाद तैयार की जा रही है, जिसका उपयोग प्राकृतिक खेती में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा दे। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती एवं मोटे अनाजों की खेती को अपनाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी महोदय शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष एवं राज्य सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। उसी क्रम में जनपद में यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि धरती माता सदैव मानव जीवन के पोषण एवं विकास का आधार रही हैं। एक समय देश में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ाया गया था, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई, किंतु अब समय आ गया है कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती की ओर लौटें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग के बावजूद उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है तथा भूमि की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है। इसलिए किसानों को धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि देशी गाय का प्राकृतिक खेती में विशेष महत्व है क्योंकि उसके गोबर एवं गोमूत्र में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की प्रचुरता होती है, जो भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक हैं। प्राकृतिक खेती में जीवामृत एवं घनजीवामृत जैसे पोषक तत्वों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें सरल प्रक्रिया से तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शुरुआत में अपनी खेती के एक छोटे हिस्से में प्राकृतिक खेती का प्रयोग करें और उसके परिणामों को देखें। उन्होंने कहा कि बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं एवं पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना समय की आवश्यकता है। हमारी पारंपरिक एवं सनातन कृषि पद्धतियां सदियों से प्रभावी रही हैं और अब उन्हें पुनः अपनाने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि किसान रजिस्ट्री का कार्य जनपद में संचालित है। सभी किसान समय से अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों के पंजीकरण एवं कृषि क्षेत्रफल के आधार पर ही भविष्य में उर्वरकों एवं अन्य कृषि सुविधाओं की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम में किसानों को निःशुल्क बीज मिनी किट वितरित की गई तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्राकृतिक खेती, जीवामृत, घनजीवामृत, मोटे अनाजों के उत्पादन, मक्का विकास कार्यक्रम तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को प्रदान की गई।
उक्त कार्यक्रम में रघुराज सिंह शाक्य पूर्व सांसद, भाजपा जिला अध्यक्ष अन्नू गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य सचिन यादव, जिला उपाध्यक्ष संजीव भदौरिया, जिला उपाध्यक्ष कृपा नारायण तिवारी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद,बड़ी संख्या में किसान एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



