
कमिश्नर ने की विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा
जर्जर भवनों में विद्यालय संचालन पर सख्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक्स्ट्रा क्लास शुरू करें
मातृ और शिशु मृत्यु रोकने के लिए समीक्षा करें और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाएं
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, राजस्व एवं सुशासन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य रूप से एएनसी चेकअप कराया जाए तथा नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के चिन्हांकन के लिए गंभीर एवं मध्यम एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की पहचान कर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त अमले द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त कलेक्टरों को मेटरनल डेथ एवं नियोनेटल डेथ के प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा कर जांच रिपोर्ट में पाई गई कमियों को दूर करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुपोषण की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी केंद्रों में भर्ती कर पूर्ण उपचार कराने तथा सभी एनआरसी केंद्रों में शत-प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने हेतु प्रेरित करने के लिए कहा।निक्षय मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने हाई रिस्क ग्रामों का चिन्हांकन कर शिविरों के माध्यम से नियमित स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने तथा मरीजों को नियमित रूप से फूड बास्केट वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायतों के समन्वय से आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने तथा मजदूरों एवं बुजुर्गों के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने विद्यार्थियों को समय पर पुस्तक, गणवेश एवं साइकिल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि अध्ययन में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने विद्यालयों में शौचालय निर्माण एवं खराब शौचालयों की मरम्मत कराने तथा जर्जर भवनों में विद्यालय संचालन न किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर विद्यालयों को वैकल्पिक भवनों में संचालित किया जाए तथा इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कमिश्नर ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा कर जिले का परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से अधिक बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके लिए रेमेडियल क्लास संचालित करने तथा प्रत्येक हायर सेकेंडरी विद्यालय में आईआईटी, जेईई, नीट एवं सीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों का ओरिएंटेशन कराने पर भी बल दिया।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान, पौधरोपण, पीएम आवास योजना-जनमन अभियान, धरती आबा पीएम आवास योजना, वृंदावन ग्राम योजना, मनरेगा कार्य, लखपति दीदी एवं एनआरएलएम आजीविका मिशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को निर्धारित बजट में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण हेतु बल्क मटेरियल के माध्यम से निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जल संरक्षण एवं पौधरोपण कार्यों को जनभागीदारी के साथ संचालित करने, मनरेगा के तहत रोजगारमूलक एवं स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान देने तथा स्वयं सहायता समूहों का चयन उनकी सक्रियता एवं कार्य गुणवत्ता के आधार पर करने के निर्देश दिए। सुशासन एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने सभी राजस्व अधिकारियों को सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने तथा खसरा नक्शा एवं मौके की स्थिति का मिलान कर भूमि अभिलेख पोर्टल को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित स्थलों का निरीक्षण कर बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए कहा। बैठक में कमिश्नर ने सभी कलेक्टरों को जिले के विकास हेतु नवाचार आधारित एवं जनकल्याणकारी योजनाएं तैयार कर विकास कार्यों को गति देने तथा आमजन से सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संभाग के जिलों के कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।


