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किसानों को कम ब्याज में कृषि ऋण और बीमा सुरक्षा देता है किसान क्रेडिट कार्ड

किसानों को कम ब्याज में कृषि ऋण और बीमा सुरक्षा देता है किसान क्रेडिट कार्ड

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:रीवा मध्य प्रदेश 

 

रीवा . किसानों को फसल की बोनी के समय खाद-बीज, कृषि उपकरण तथा अन्य खेती से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है। किसानों के पास अधिक पूंजी न होने के कारण खेती में निवेश करने में कठिनाई होती है। इस कठिनाई को दूर करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड सबसे कारगर उपाय है। बैंकों के माध्यम से सभी छोटे-बड़े किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाते हैं। इसके माध्यम से बैंक किसान को कम अवधि की राशि चार प्रतिशत ब्याज की दर से देती है। किसान फसल आने पर यदि समय पर ऋण राशि चुका देते हैं तो उन्हें अगली फसल के लिए पुन: राशि जारी कर दी जाती है। किसान क्रेडिट कार्ड में फसलों के लिए सरलता से ऋण मिलने के साथ-साथ बीमा सुरक्षा का भी लाभ दिया जाता है। अधिकतम 70 वर्ष तक के किसानों को किसान क्रेडिट कार्डधारी होने पर मृत्यु की दशा में परिजनों को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं। दुर्घटना में या अन्य कारण से स्थाई विकलांगता होने पर 25 हजार रुपए की सहायता दी जाती है।

 

 

इस संबंध में उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि सभी किसान बैंकों के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए जमीन का खसरा आवेदन पत्र के साथ बैंक में प्रस्तुत करना होता है। किसान क्रेडिट कार्ड में किसान का नाम, पता, जमीन की जानकारी तथा अवधि अंकित होती है। किसान क्रेडिट कार्ड पाँच वर्ष के लिए वैध होता है। इसके बाद इसकी कार्यशील पूंजी का नवीनीकरण वार्षिक आधार पर किया जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड में ऋण राशि की अधिकतम सीमा फसल के अनुसार निर्धारित रहती है। बैंक द्वारा तीन लाख रुपए तक के केसीसी में कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाता है। किसान जितनी राशि का उपयोग करता है उस पर ही ब्याज देय होता है। किसान क्रेडिट कार्ड में ब्याज की दर सात प्रतिशत निर्धारित है। लेकिन किसान समय पर ऋण राशि अदा कर देता है तो उसे तीन प्रतिशत ब्याज में छूट मिलती है। किसान को केवल चार प्रतिशत ब्याज ही देना होता है। किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके किसान अपनी खेती को आधुनिक बना रहे हैं। खेती में निवेश के लिए उन्हें साहूकारों के भी चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं।

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