
सीतामढ़ी को मिली उच्च शिक्षा की ऐतिहासिक सौगात, नौ प्रखंडों में एक साथ शुरू हुए राजकीय डिग्री कॉलेज
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: सीतामढ़ी बिहार
बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सात निश्चय–03 के अंतर्गत उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के नवस्थापित 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों का एक साथ डिजिटल उद्घाटन कराया। भागलपुर के गोराडीह से माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने रिमोट के माध्यम से इन महाविद्यालयों का लोकार्पण किया, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत हुई।
इस क्रम में सीतामढ़ी जिले को भी बड़ी सौगात मिली। जिले के रुन्नीसैदपुर, सोनबरसा, बाजपट्टी, परसौनी, सुप्पी, चोरौत, नानपुर, बोखरा एवं मेजरगंज प्रखंडों में नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ। अब इन क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
रुन्नीसैदपुर प्रखंड के थुम्मा स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, जिलाधिकारी रिची पांडेय, स्थानीय विधायक पंकज मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। अन्य प्रखंडों में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि एक साथ नौ राजकीय डिग्री कॉलेजों का प्रारंभ होना जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में मील का पत्थर है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी तथा विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन महाविद्यालयों के सुचारु संचालन एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
माननीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यह सीतामढ़ी के लिए गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक उपलब्धि है। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्री कॉलेजों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के समग्र विकास का आधार है और इन महाविद्यालयों के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी बेहतर उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

