एग्रीकल्चरलखनऊ

मण्डी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं किसान हितैषी बनाया जाए- मंत्री दिनेश प्रताप सिंह

मण्डी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं किसान हितैषी बनाया जाए- मंत्री दिनेश प्रताप सिंह

किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रिपोर्ट:विशाल समाचार 

स्थान:लखनऊ, उत्तर प्रदेश 

 

प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद मुख्यालय में मण्डी परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

 

मंत्री ने कहा कि प्रदेश की मण्डियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए उन्हें किसानों, व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने मण्डियों में स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, सड़क, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ विकसित करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मण्डियों में पारदर्शी व्यवस्था, डिजिटल सेवाओं का विस्तार तथा ई-नाम सहित अन्य तकनीकी सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कृषि उत्पादों के विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

 

श्री सिंह ने निर्देश दिए कि मण्डी परिषद द्वारा संचालित विकास कार्यों एवं निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं सतत मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।

 

उद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी अधिकारियों को परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनानी होगी। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, राजस्व संग्रह, मण्डियों के आधुनिकीकरण, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंडी परिषद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी और लाभ राज्य के किसानों को अधिक से अधिक मिल सके, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। किसानों को आधुनिक एवं बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एग्रीमॉल का उद्घाटन आगामी सितंबर माह तक सुनिश्चित किया जाए।

 

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को उनकी उपज के विक्रय हेतु स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक एवं सुरक्षित बाजार उपलब्ध कराने के लिए “मंडी हाट पैड” योजना के अंतर्गत आवश्यक स्थलों का शीघ्र विकास एवं निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने गांव अथवा निकटवर्ती क्षेत्र में ही उपज विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराएगी, जिससे परिवहन लागत एवं समय दोनों की बचत होगी तथा उनकी आय में वृद्धि को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

 

इस अवसर पर मण्डी निदेशक श्री इन्द्र विक्रम सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button