मक्का की फसल में फॉलआर्मी कीट का प्रकोप, किसान सतर्क रहें: जिला कृषि रक्षा अधिकारी
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, । जिला कृषि रक्षा अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन की मक्का फसल में फॉलआर्मी कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है। जनपद के कुछ क्षेत्रों में इसके लक्षण पाए गए हैं। यह कीट अत्यंत हानिकारक है और तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने बताया कि इस कीट की पहचान इसके काले सिर पर बने उल्टे Y आकार के निशान तथा शरीर पर काले धब्बों से की जा सकती है। प्रभावित फसल की पत्तियों में छेद दिखाई देते हैं और पत्तियों पर भूसे जैसे बुरादे के रूप में इसका उत्सर्जित पदार्थ मिलता है।
किसानों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से अपनी फसल की निगरानी करें। कीट का प्रकोप दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचित करें। यांत्रिक नियंत्रण के लिए खेत में Y या T आकार के 6 से 7 फुट लंबे बर्ड पर्चर लगाएं तथा शाम 6 से 9 बजे के बीच तीन-चार स्थानों पर प्रकाश प्रपंच का उपयोग करें।
रासायनिक नियंत्रण के लिए नीम ऑयल (5 मिली प्रति लीटर पानी) अथवा इमामेक्टिन बेन्जोएट (0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी) या थायोमेथाक्साम 12.6% + लेम्ब्डासायहैलोथ्रिन 9.5% (0.5 मिली प्रति लीटर पानी) का घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
किसान कीट के प्रकोप की फोटो व्हाट्सएप नंबर 9452247111 एवं 9452257111 पर भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 9935227760 एवं 9760201353 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग ने बताया कि शिकायतों का समाधान 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।
साथ ही किसानों को kisanmitraup.ai चैटबॉट के माध्यम से फसल संबंधी समस्याओं का समाधान और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी लेने की भी सलाह दी गई है। निजी कृषि विक्रेताओं को आवश्यक कीटनाशकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।


