
पंढरपुर में वारकरी कुश्ती महावीर प्रतियोगिता का शुभारंभ, हिंद केसरी दिनानाथ सिंह बोले— डॉ. कराड ने लाल मिट्टी की कुश्ती को नई ऊर्जा दी
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान :पंढरपुर, महाराष्ट्र
आषाढ़ी वारी के अवसर पर पंढरपुर के वाखरी स्थित विश्वशांति गुरुकुल परिसर में आयोजित “श्री समर्थ विष्णुदास वारकरी कुश्ती महावीर प्रतियोगिता” का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि हिंद केसरी पहलवान दिनानाथ सिंह ने कहा कि डॉ. विश्वनाथ कराड ने लाल मिट्टी की पारंपरिक कुश्ती को नई ऊर्जा देने का कार्य किया है। उन्होंने शक्ति की उपासना के साथ भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि वारकरी पहलवानों की उपस्थिति से वाखरी की धरती की शोभा बढ़ी है और यह आयोजन श्रद्धा, संस्कृति तथा खेल परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को तीर्थस्थल जैसी अनुभूति होती है।
यह प्रतियोगिता विश्व शांति केंद्र (आलंदी), एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (पुणे) तथा श्री क्षेत्र आलंदी-देहू परिसर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। आयोजन डॉ. विश्वनाथ कराड के आशीर्वाद तथा डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र केसरी पहलवान आप्पासाहेब कदम, नजरुद्दीन नायकवडी और विष्णूतात्या जोशीलकर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि वारकरी परंपरा लगभग 750 वर्ष पुरानी है और यह परंपरा विश्व को शांति, सद्भाव तथा आत्मचिंतन का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह कुश्ती प्रतियोगिता भक्ति और शक्ति के समन्वय का प्रतीक है।
कार्यक्रम का प्रस्ताविक एवं प्रतियोगिता का नियोजन प्रो. विलास कथुरे ने किया। संचालन डॉ. महेश थोरवे ने किया, जबकि बाबा निम्हण ने प्रतियोगिता का सजीव समालोचन प्रस्तुत किया।



