
शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, प्रत्येक बच्चे को मिले बेहतर शिक्षण वातावरण
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला शिक्षण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए शैक्षिक गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं के नामांकन एवं उपस्थिति, निपुण भारत मिशन, ऑपरेशन कायाकल्प, पीएम पोषण (मिड-डे मील), डीबीटी, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं तथा निरीक्षण व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा पहुंचाना है। इसके लिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल नामांकन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति, सीखने की क्षमता तथा शैक्षिक प्रगति सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
बैठक में चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में उपलब्ध कराए जा रहे फर्नीचर की गुणवत्ता का स्वयं भौतिक सत्यापन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी निम्न गुणवत्ता का फर्नीचर स्थापित न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फर्नीचर की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व होगा तथा यदि कहीं निम्न गुणवत्ता या क्षतिग्रस्त फर्नीचर पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नवीन नामांकन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि शासन का स्पष्ट फोकस है कि कोई भी बच्चा विद्यालय जाने से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में शून्य (0) नामांकन या अपेक्षाकृत कम नामांकन की स्थिति है, वहां विशेष रूप से कारणों का पता लगाया जाए तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सभी बच्चों का तत्काल नामांकन सुनिश्चित कराया जाए। विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों से जोड़ने तथा अभिभावकों से सतत संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
मिड-डे मील की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं निर्धारित मेन्यू के अनुपालन पर विशेष बल दिया। छात्रों की उपस्थिति नियमित रूप से ऑनलाइन टेबलेट के माध्यम से हो। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को उनका मानदेय समय से उपलब्ध कराया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। साथ ही भोजन की गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करते हुए बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे के पैसे खातों में डीबीटी के माध्यम पहुंचने की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि सभी छात्र-छात्राओं को समयबद्ध रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। ताकि बच्चे यूनिफॉर्म में विद्यालय आये।
जिलाधिकारी महोदय ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यालयों में समय से पठन-पाठन हो। शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति, शिक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का नियमित मूल्यांकन किया जाए। निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों का तत्काल निराकरण कराया जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, स्मार्ट क्लास, रैंप, बाउंड्रीवाल, खेल सामग्री एवं स्वच्छ परिसर की उपलब्धता की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कराए जाएं ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम तभी प्राप्त होंगे जब सभी अधिकारी एवं शिक्षक पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने तथा जनपद की शैक्षिक उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।



