
जनपद में मनाया गया ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’इस्लामिया इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम, विभाजन की त्रासदी को किया गया याद
कैंडल मार्च निकालकर विभाजन पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि, शास्त्री चौराहा पर तिरंगा प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा – शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ के रूप में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर भारत विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों तथा विस्थापन एवं मानवीय त्रासदी की पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर इस्लामिया इंटर कॉलेज में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी, विस्थापन, हिंसा एवं लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा को स्मरण किया गया। इस अवसर पर विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसके माध्यम से उपस्थित लोगों ने उस दौर की भयावह परिस्थितियों एवं लाखों लोगों के संघर्ष और पीड़ा को महसूस किया।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले एवं पीड़ित लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी तथा आपसी भाईचारा, शांति, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने विभीषिका प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कहा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है, जिन्होंने भारत विभाजन के दौरान असहनीय पीड़ा झेली और अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को याद रखना इसलिए आवश्यक है, ताकि वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियां विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी, विस्थापन और पीड़ा को समझ सकें तथा भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि भारत का विभाजन मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। लाखों लोगों को अपना घर, जमीन-जायदाद और जन्मभूमि छोड़कर अनिश्चित भविष्य की ओर पलायन करना पड़ा। अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और इस पीड़ा का प्रभाव पीढ़ियों तक रहा। उन्होंने कहा कि विभाजन की घटनाओं को केवल इतिहास के रूप में नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक सीख के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव, एकता और मानवता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव एवं वैमनस्य को बढ़ावा नहीं देंगे तथा समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए रखेंगे।
इस्लामिया इंटर कॉलेज में ‘‘विभाजन विभीषिका’’ पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। जिलाधिकार महोदय, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, पर्यटन अधिकारी मोहित सिंह सहित उपस्थित अधिकारियों , गणमान्य नागरिकों एवं बच्चों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारत विभाजन के दौरान हुई घटनाओं, विस्थापित लोगों की स्थिति, अपने घरों से पलायन करते परिवारों तथा उस समय के सामाजिक एवं मानवीय हालात को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों में अपना घर-बार छोड़कर जाते परिवारों, बड़ी संख्या में पलायन करते लोगों तथा उस समय की भयावह परिस्थितियों को दर्शाया गया। चित्रों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विभाजन जैसी त्रासदी से सीख लेते हुए समाज में प्रेम, शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभाजन के दौरान अपने पूर्वजों द्वारा झेली गई परिस्थितियों को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की चित्र प्रदर्शनी युवा पीढ़ी को इतिहास के उस दर्दनाक दौर से परिचित कराने के साथ ही उन्हें राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि समाज में आपसी भाईचारा, शांति, सद्भाव एवं मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा तथा आने वाली पीढ़ियों को विभाजन की त्रासदी से सीख लेकर एकजुट, शांतिपूर्ण एवं समरस समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस अवसर पर विभाजन विभीषिका झेलने वाले तरन पाल सिंह एवं मनजीत सिंह ने अपने परिवारों द्वारा विभाजन के दौरान झेली गई पीड़ा और कठिन परिस्थितियों की स्मृतियां साझा कीं।
कार्यक्रम के उपरांत इस्लामिया इंटर कॉलेज से शास्त्री चौराहा तक कैंडल मार्च निकाली गई। कैंडल मार्च में अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी एवं आमजन शामिल हुए। कैंडल मार्च के माध्यम से भारत विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले तथा विस्थापन एवं पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कैंडल मार्च के शास्त्री चौराहा पहुंचने पर वहां तिरंगा प्रदर्शनी का उद्घाटन मा0 सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया जी और जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल द्वारा किया गया। तिरंगा प्रदर्शनी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति एवं आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का स्मरण किया।



