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एससी, एसटी, ओबीसी समेत वंचितों को निजी क्षेत्र में भी प्रतिनिधित्व मिले : डॉ. हुलगेेश चलवादी

एससी, एसटी, ओबीसी समेत वंचितों को निजी क्षेत्र में भी प्रतिनिधित्व मिले : डॉ. हुलगेेश चलवादी

ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा आरक्षण का आरपीआई ने किया समर्थन

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

देश के निजी क्षेत्र में भी अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित अन्य वंचित वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व और समान अवसर मिलना चाहिए। यह मांग रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रखी गई है।

सामाजिक न्याय और समान अवसर की नीति का क्रियान्वयन केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित न रहकर निजी क्षेत्र में भी होना आवश्यक है। आरपीआई के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बहुजन नेता डॉ. हुलगेेश चलवाड़ी ने कहा कि पार्टी की यही स्पष्ट भूमिका है।

उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में वंचित समाज के लोगों की समान भागीदारी जरूरी है। शिक्षा, रोजगार, उद्योग, प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया जैसे सभी क्षेत्रों में सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को अवसर मिलने से सामाजिक असमानता कम करने में मदद मिलेगी।

निजी कंपनियों में भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाकर वंचित वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस नीति बनाए जाने की आवश्यकता है। सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉ. चलवाड़ी ने कहा कि SC, ST, OBC और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आरपीआई लगातार आवाज उठाती रहेगी। समानता, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. रामदास आठवले ने भी समानता और सामाजिक न्याय के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता स्पष्ट की है।

केंद्रीय सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व

केंद्र सरकार के 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2024 को केंद्रीय सरकारी सेवाओं में SC वर्ग का प्रतिनिधित्व 16.84 प्रतिशत, ST का 8.70 प्रतिशत और OBC का 26.32 प्रतिशत था।

ये आंकड़े सरकारी क्षेत्र में प्रतिनिधित्व की स्थिति दर्शाते हैं। हालांकि, निजी क्षेत्र में SC, ST और OBC के प्रतिनिधित्व से संबंधित केंद्र सरकार के पास राज्यवार या क्षेत्रवार आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

डॉ. चलवाड़ी ने कहा कि जनगणना के माध्यम से निजी क्षेत्र में वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़े जुटाकर उन्हें सार्वजनिक किया जा सकता है। इससे निजी क्षेत्र में वंचित वर्गों को अवसर उपलब्ध कराने के लिए उचित नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।

मराठा आरक्षण को आरपीआई का समर्थन

डॉ. चलवाड़ी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा आरक्षण का आरपीआई पूर्ण समर्थन करता है। गरीब मराठा समाज के लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए, यह पार्टी की शुरुआत से ही स्पष्ट भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. रामदास आठवले ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर संवेदनशील है और इसके लिए ईमानदारी से प्रयास कर रही है।

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