
एसआईआर के तहत दावे-आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को प्रशिक्षण
मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम नियोजन और समन्वय के साथ करें: उपजिला निर्वाचन अधिकारी मीनल कळसकर
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को उपजिला निर्वाचन अधिकारी मीनल कळसकर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और नियमों के अनुसार पूरी करने के लिए सभी अधिकारी समन्वय और नियोजन के साथ काम करें। साथ ही सुनवाई के दौरान नागरिकों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय के बहुउद्देश्यीय सभागार में विधानसभा क्षेत्रों के नोडल अधिकारियों, सहायक सहायता कक्षों में नियुक्त कर्मचारियों और तकनीकी सहायकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें SIR के तहत दावों और आपत्तियों की सुनवाई, आवश्यक दस्तावेजों की जांच तथा संबंधित रिकॉर्ड पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई।
मीनल कळसकर ने कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत अब सुनवाई और दस्तावेजों के सत्यापन के चरण में तेजी आएगी। मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर उनकी पात्रता की जांच की जाएगी और आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों से दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा।
सत्यापन के लिए पुराने सरकारी रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आधिकारिक दस्तावेजों पर विचार किया जाएगा। भारत सरकार, स्थानीय स्वशासी संस्थाओं, बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा 1 जुलाई 1987 से पहले जारी दस्तावेज भी सत्यापन के लिए स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट तथा 10वीं या 12वीं के प्रमाण पत्रों पर भी विचार किया जाएगा।
दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पुणे महानगरपालिका, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका, जिला परिषद, पासपोर्ट कार्यालय तथा महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड, ग्राम स्तर के प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और 10वीं-12वीं के प्रमाण पत्रों का सत्यापन संबंधित विभागों से कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ आवश्यक समन्वय बैठकें की जा चुकी हैं। सुनवाई के दौरान प्राप्त मामलों के अनुसार दस्तावेजों को सत्यापन के लिए संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। मतदाता पंजीकरण अधिकारी और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी स्तर पर प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। दस्तावेजों को लेकर संदेह होने पर संबंधित मतदाता से अतिरिक्त प्रमाण भी मांगे जा सकते हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद ही पात्रता को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मीनल कळसकर ने कहा कि SIR प्रक्रिया का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है। विभिन्न विभागों के पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर दावों की वस्तुनिष्ठ जांच कर अधिक सटीक और विश्वसनीय अंतिम मतदाता सूची तैयार करना लक्ष्य है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने SIR प्रक्रिया के दूसरे चरण में आने वाली विभिन्न समस्याओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने जवाब दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मिलकर एवं समन्वय के साथ काम करेंगे तो प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।
प्रशिक्षण में विधानसभा क्षेत्रों के नोडल अधिकारी, सहायक सहायता कक्षों में नियुक्त कर्मचारी और तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।



