
संभावित जल संकट से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तत्परता से कार्य करें : जिलाधिकारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
कम वर्षापात के कारण संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में विमर्श सभा कक्ष में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सीतामढ़ी द्वारा संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले में पेयजल की उपलब्धता, “हर घर नल का जल” योजना की वर्तमान स्थिति, भू-जल स्तर की स्थिति तथा वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अनुरक्षकों के लंबित भुगतान शीघ्र कराकर सभी बंद पड़े नल–जल योजना को चालू कराना सुनिश्चित करें। सभी बीडीओ और सभी बीपीआरओ अगली बैठक के पहले चालू और बंद पड़े योजनाओं की अद्यतन स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे। सभी बीडीओ अपने प्रखंड में नियंत्रण कक्ष संचालित करना सुनिश्चित करेंगे एवं स्थानीय स्तर पर इसका व्यापक प्रचार–प्रसार करेंगे। बैठक में उपस्थित
पीएचईडी को निर्देशित किया गया कि विद्युत विभाग तथा अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर इस दिशा में कार्य करें।
विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि जिन छूटे हुए टोलों में नल–जल योजना चालू नहीं हो पाया है ,कार्य में गति देते हुए योजना को पूर्ण करें। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या कार्य की धीमी गति पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कार्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा।
जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने स्पष्ट कहा कि जिले के किसी भी गांव या टोले में पेयजल का संकट उत्पन्न नहीं होने दिया जाए तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने छूटे हुए टोलों में “हर घर नल का जल” योजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पंचायत राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं की नियमित मरम्मत एवं रखरखाव के लिए प्रत्येक पंचायत में मरम्मत दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान पीएचईडी के सभी कनीय अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा मुख्यालय में आवासित रहने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी पेयजल योजनाओं का प्रतिदिन भौतिक निरीक्षण किया जाए तथा खराब मोटर, पाइपलाइन, वाल्व अथवा विद्युत संबंधी खराबियों का 24 घंटे के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा समस्या की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री श्वेता भारती, अपर समाहर्ता ,आपदा प्रबंधन बृजकिशोर पांडेय, डीपीआरओ कमल सिंह, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी,सभी जेई पीएचईडी,सभी कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।



