
गोल्डन ऑवर्स में अहम भूमिका निभा रहा है विश्वराज हॉस्पिटल BIDA अध्यक्ष धनंजय जामदार ने कहा
विश्वराज हॉस्पिटल में ऑडियोमेट्री एंड बेरा डायग्नोसिस सेंटर का उद्घाटन
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
लोणी कालभोर, : दिन-ब-दिन दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त मरीज को गोल्डन ऑवर्स में सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है। बारामती, इंदापुर और कुरकुंभ क्षेत्र के हजारों नागरिकों के लिए लोणी कालभोर स्थित विश्वराज हॉस्पिटल गोल्डन ऑवर्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसलिए यह हॉस्पिटल नागरिकों के लिए वरदान साबित हुआ है, यह विचार बारामती इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन (BIDA) के अध्यक्ष धनंजय जामदार ने व्यक्त किए।
“विश्वसनीय सेवा” के सिद्धांत का पालन करने वाले विश्वराज हॉस्पिटल में हाल ही में अत्याधुनिक ‘ऑडियोमेट्री एंड बेरा डायग्नोसिस सेंटर’ का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में वे बोल रहे थे।
इस समय हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सचिन कटकडे, ऑपरेशन हेड डॉ. संतोष साहू, जीएम डॉ. आशिष कुमार दोशी और सेंटर की प्रमुख डॉ. मोनिका भगत उपस्थित थीं।
यह कार्यक्रम एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल कराड और निदेशिका डॉ. अदिति कराड के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
धनंजय जामदार ने कहा, “बारामती के 40 हजार, इंदापुर के 15 हजार और कुरकुंभ के 25 हजार श्रमिकों और इस क्षेत्र के लाखों नागरिकों के लिए यह हॉस्पिटल जीवनदायी साबित हुआ है। यहां की अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं से डॉक्टरों ने हजारों लोगों की जान बचाई है।”
डॉ. मोनिका भगत ने कहा, “मस्तिष्क ध्वनियों पर कैसे प्रक्रिया करता है, इसका रहस्य BERA टेस्ट उजागर करने में मदद करता है। इस टेस्ट का पूरा नाम ब्रेनस्टेम ऑडिटरी इवोक्ड रिस्पॉन्स है। इस जांच से टोन, ताली या क्लिक्स जैसी आवाजों पर मस्तिष्क कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह मापा जाता है। जन्मजात श्रवण दोष वाले बच्चों के लिए BERA टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सरकार द्वारा विशेष योजनाएं चलाई जाती हैं, जिसका लाभ लिया जा सकता है।”
इसके बाद डॉ. संतोष साहू और डॉ. आशिष कुमार दोशी ने हॉस्पिटल द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।


