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प्रधानमंत्री मोदी और आठवले साहेब के प्रयासों से सामाजिक न्याय को मिली सही दिशा : डॉ. हुलगेश चलवादी

प्रधानमंत्री मोदी और आठवले साहेब के प्रयासों से सामाजिक न्याय को मिली सही दिशा : डॉ. हुलगेश चलवादी

निधि का पारदर्शी उपयोग, डीबीटी और नियमित निगरानी से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। कल्याणकारी योजनाओं का निधि सही और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना ही सामाजिक न्याय की वास्तविक दिशा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले के विशेष प्रयासों से सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो रहा है। यह बात रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने सोमवार को कही।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी की जा रही है। पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए डिजिटल व्यवस्था और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 6,360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के लिए 2,140 करोड़ रुपये, जबकि SHREYAS के तहत विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के लिए 472 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

PM-AJAY के तहत वर्ष 2021-22 से अब तक हजारों गांवों के विकास को गति मिली है। वर्ष 2026 में 17,067 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है। इन गांवों में 2.65 लाख से अधिक लाभार्थियों को शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिला है।

डॉ. चलवादी ने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 90 छात्रावासों को मंजूरी दी गई है। इन छात्रावासों से 10,649 विद्यार्थियों को लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि निधि के उपयोग की नियमित समीक्षा, सामाजिक लेखा परीक्षा, डिजिटल निधि प्रबंधन और डीबीटी के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इससे अनुसूचित जाति समाज के शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति मिल रही है।

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