
मुख्यमंत्री जी ने लोक भवन से ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ (UPCOS) का किया शुभारंभ
आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगी सेवा सुरक्षा, पारदर्शी चयन और समय से वेतन की गारंटी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा – उ0प्र0 आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ कार्यक्रम विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में विधायक सदर श्रीमती सरिता भदौरिया जी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सीधा लोक भवन लखनऊ से विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में दिखाया गया, जिसे उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सुना एवं देखा गया।
प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज लखनऊ स्थित लोक भवन में ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ (UPCOS) का औपचारिक लोकार्पण किया।
विधायक सदर श्रीमती सरिता भदौरिया जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहे। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को मेहनत का उचित मानदेय प्राप्त होगा साथ ही उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व योग्यता के हिसाब से ही होगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय प्रत्येक माह 05 तारीख तक खाते में जाएगा एवं कंपनी द्वारा ई0पी0एफ0 का पैसा 10 तारीख तक जमा कर सरकार को प्रमाण पत्र देना होगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम राज्य के विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से आउटसोर्स मानव संसाधन के चयन, तैनाती, उपस्थिति, अवकाश, वेतन भुगतान, वैधानिक अनुपालन, एजेंसी प्रबंधन तथा भुगतान की निगरानी जैसी प्रक्रियाओं को एक ही व्यवस्था के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
UPCOS के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिकों को वेतन, EPF एवं ESI से संबंधित विवरण एवं सुविधाओं को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। डिजिटल सेवा रिकॉर्ड के माध्यम से कर्मचारी अपनी नियुक्ति, सेवा एवं भुगतान से संबंधित जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। साथ ही शिकायत एवं सुझाव की व्यवस्था भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है, जिससे कार्मिक अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ उसकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
निगम के माध्यम से सरकारी विभागों के लिए मानव संसाधन की मांग से लेकर अनुमोदन, एजेंसी आवंटन, कार्मिकों की तैनाती तथा उनके प्रबंधन तक की प्रक्रिया को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाएगा। वहीं, आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए भी कार्मिक प्रबंधन एवं भुगतान संबंधी कार्यों को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का प्रमुख उद्देश्य आउटसोर्स कार्मिकों के अधिकारों एवं हितों का संरक्षण करते हुए उन्हें समयबद्ध पारिश्रमिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह पहल प्रदेश में आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीक आधारित, पारदर्शी, सुरक्षित एवं कर्मचारी हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने अपने संबोधन में आउटसोर्स कार्मिकों के श्रम, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें आउटसोर्स कार्मिकों को उनके अधिकार एवं देय लाभ समयबद्ध रूप से प्राप्त हों तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो। उन्होंने बताया कि श्रेणी-1: इस श्रेणी के अंतर्गत MBBS, B.Tech, M.Com तथा परास्नातक योग्यता वाले अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है, जिन्हें चिकित्सक, अभियंता, वास्तुविद और वरिष्ठ अनुसंधान जैसे पदों पर न्यूनतम ₹40,000 का प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। श्रेणी-2: स्नातक के साथ डिप्लोमा, B.Ed या नर्सिंग की योग्यता रखने वाले कार्मिकों (जैसे आशुलिपिक, डाटा प्रोसेसिंग, नर्स, फार्मासिस्ट और ड्राफ्ट्समैन) के लिए न्यूनतम ₹25,000 प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। श्रेणी-3: स्नातक या इंटरमीडिएट के साथ तकनीकी अनुभव रखने वाले कार्मिकों (जैसे प्रयोगशाला संचालक, इलेक्ट्रिशियन, वाहन चालक और पैरा-मेडिकल स्टाफ) को न्यूनतम ₹22,000 प्रतिमाह का मानदेय मिलेगा। श्रेणी-4: हाईस्कूल या जूनियर हाईस्कूल उत्तीर्ण सफाई कर्मी, चौकीदार, लिफ्ट ऑपरेटर और विशिष्ट/अति-विशिष्ट सेवाओं में लगे कर्मियों के लिए न्यूनतम ₹20,000 प्रतिमाह वेतन तय किया गया है।
कार्यक्रम के अंत में मा0 विधायक द्वारा नगर पालिका के कुल 5 सफाई कर्मियों को किट वितरण की गई एवं श्रम विभाग के कुल 10 कर्मचारियों को चेक वितरण की गई।
उक्त कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, जनप्रतिनिधिगण, पी0डी0 अनिल कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्र, सेवायोजन अधिकारी विपिन कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


