
कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली और आउटसोर्स की गई महिला कर्मचारियों, दोनों को पूर्ण वेतन सहित मातृत्व अवकाश और नौकरी की गारंटी मिले — राष्ट्रीय मराठी संघ
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रतिनिधिमंडल ने की प्रत्यक्ष मुलाकात, सौंपा मांगपत्र
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मुंबई, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में विभिन्न सरकारी विभागों, महामंडलों, संस्थाओं एवं शासकीय प्रतिष्ठानों में कंत्राटी (कॉन्ट्रैक्ट) और आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत महिला कर्मचारियों के मातृत्व अधिकारों एवं रोजगार सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय मराठी संघ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मा. श्री देवेंद्र फडणवीस से प्रत्यक्ष मुलाकात कर एक महत्वपूर्ण मांगपत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य में कंत्राटी व आउटसोर्स पद्धति से कार्यरत महिला कर्मचारियों को नियमानुसार पूर्ण वेतन के साथ मातृत्व अवकाश दिया जाए तथा प्रसूति के बाद उन्हें पूर्व पद अथवा समकक्ष पद पर पुनः नियुक्त किए जाने की स्पष्ट गारंटी सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय मराठी संघ ने अपने निवेदन में कहा कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न शासकीय एवं शासन से संबंधित संस्थानों में कंत्राटी आधार पर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रही हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान उन्हें नौकरी जाने का डर तथा प्रसूति के बाद रोजगार जारी रहेगा या नहीं, इसकी चिंता बनी रहती है। मातृत्व जैसी महत्वपूर्ण अवस्था में महिलाओं को इस प्रकार की मानसिक और आर्थिक असुरक्षा का सामना करना पड़ना अत्यंत चिंताजनक है।
संघ ने मुख्यमंत्री से विशेष रूप से मांग की कि—
– कंत्राटी व आउटसोर्स के महिला कर्मचारियों को पूर्ण वेतन सहित मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाए।
– मातृत्व अवकाश के बाद उन्हें पूर्व पद अथवा समकक्ष पद पर पुनः कार्यभार ग्रहण करने की गारंटी दी जाए।
– केवल गर्भधारण या प्रसूति के कारण किसी महिला की सेवा समाप्त करने अथवा कंत्राट का नवीनीकरण रोकने पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट शासन निर्देश जारी किए जाएं।
– राज्य के सभी सरकारी एवं शासन से संबंधित कंत्राटी प्रतिष्ठानों में इस संबंध में एक समान नीति लागू की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि “मातृत्व किसी महिला के रोजगार के रास्ते में बाधा नहीं, बल्कि उसके जीवन का सम्मानित और महत्वपूर्ण अधिकार है।” महिलाओं को मातृत्व और रोजगार के बीच किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ योजना से राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक आधार मिला है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए कंत्राटी महिला कर्मचारियों के मातृत्व अधिकार और रोजगार सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाला निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय मराठी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आनंद रेखी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री सुभाष लोखंडे, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री अतुल बोकरिया जैन, सलाहकार श्री श्रीराम जोशी तथा श्री वसंत पाटील उपस्थित थे।
राष्ट्रीय मराठी संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस इस संवेदनशील विषय पर सकारात्मक एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य की कंत्राटी महिला कर्मचारियों के हित में ऐतिहासिक और आदर्श निर्णय लेंगे।


