पूणेप्रशासनमहाराष्ट्र

हिंजवड़ी की लंबित समस्याओं के लिए बनेगा विशेष ‘टास्क फोर्स’

हिंजवड़ी की लंबित समस्याओं के लिए बनेगा विशेष ‘टास्क फोर्स’

सड़क, यातायात, पानी, बिजली, कचरा प्रबंधन और मेट्रो के कामों को समयबद्ध तरीके से गति दें : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे: हिंजवड़ी क्षेत्र में सड़क, यातायात, पानी, बिजली, कचरा प्रबंधन और मेट्रो सहित विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएमआरडीए द्वारा तैयार करीब 426 करोड़ रुपये के विकास आराखड़े को गति देने के साथ ही विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।

हिंजवड़ी-माण-मारुंजी क्षेत्र की नागरिक एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा के लिए उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में विधायक शंकर मांडेकर सहित पीएमआरडीए, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका, जिला प्रशासन, पीएमपीएमएल, मेट्रो, महावितरण और अन्य विभागों के अधिकारी, स्थानीय नागरिक तथा विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि हिंजवड़ी महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला क्षेत्र है। यहां लंबे समय से लंबित समस्याओं पर अब तत्काल ठोस कार्रवाई जरूरी है। कई सरकारी एजेंसियों के एक साथ काम करने के कारण बेहतर समन्वय के लिए चाकण की तर्ज पर हिंजवड़ी के लिए विशेष ‘टास्क फोर्स’ गठित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने काम की ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार कर तत्काल कार्रवाई शुरू करने को कहा। सड़क, मेट्रो, ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन, पानी और बिजली की समस्याओं को लेकर हर सप्ताह समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल बढ़ाने, सीसीटीवी लगाने और अन्य जरूरी तत्काल उपाय करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला प्रशासन के अनुसार हिंजवड़ी क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 5 से 6 लाख लोगों की आवाजाही होती है। सीमित प्रवेश और निकास मार्गों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर है। तत्काल उपाय के तौर पर महाराष्ट्र सुरक्षा दल (MSF) के 100 जवानों की तैनाती, व्यस्त समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध और आईटी कंपनियों के कामकाज के समय में आवश्यक बदलाव जैसे प्रस्ताव रखे गए हैं।

अगले डेढ़ वर्ष में करीब 60 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क, फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट के काम करने की योजना है। कचरा ग्राम पंचायतों के माध्यम से एकत्र कर प्रक्रिया के लिए पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका को भेजने का भी प्रस्ताव है।

पानी की समस्या के समाधान के लिए पवना बांध से पानी उपलब्ध कराने और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) की योजना के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं, ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए छह नए समानांतर सड़कों की योजना बनाई गई है और उनके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई।

मेट्रो स्टेशनों से आईटी पार्क तक कर्मचारियों को बेहतर परिवहन उपलब्ध कराने के लिए 426 करोड़ रुपये के ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ प्रोजेक्ट की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि मेट्रो के पहले 12 स्टेशनों को सीएमआरएस की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द सेवा शुरू होने की संभावना है।

बैठक में विधायक शंकर मांडेकर के साथ स्थानीय नागरिकों और आईटी कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। उपमुख्यमंत्री पवार ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर इन समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button